Kuno National Park: 70 सालों बाद भारत के जंगल में घूमता नजर आया चीता, अफ्रीका से लाने के बाद देखिए पहला नजारा
कूनो नेशनल पार्क में पिछले 7 सितंबर महीने में नामीबिया से लाकर बसाए गए 8 चीतों को अब करीब 6 महीने का समय बीतने को है। तो वहीं 18 फरवरी को साउथ अफ्रीका से भी 12 नए चीते लाकर पार्क में बसाए गए हैं।

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों (cheetah) की पहली फोटो सामने आई है। श्योपुर के कलेक्टर ने इन तस्वीरों को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल में पोस्ट किया है।
बताते चलें 18 फरवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव की मौजूदगी में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए थे। इन 12 चीतों में से 7 नर और 5 मादा चीते हैं। इसके साथ ही एमपी के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में अब कुल चीतों 20 हो गए हैं। इसके बाद कूनो में नर और मादा चीतों की संख्या बराबर हो गई है। बता दें कि अफ्रीका के इन 12 चीतों को 60 घंटे भूखे रहने के बाद भारत में पहला आहार दिया गया था।
इससे पहले पिछले 7 सितंबर को नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे। इनमें से 5 मादा और 3 नर चीते थे। नामीबिया से विशेष विमान में लाए गए चीतों को पीएम ,नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को आपने बर्थडे पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था।
बताते चलें कि चीतों का अंतर-महाद्वीपीय स्थानान्तरण सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना चीता पुनर्वास (प्रोजेक्ट चीता) कार्यक्रम का हिस्सा है।
बताते चलें कि चीतों का अंतरमहाद्वीपीय पुनर्वास भारत सरकार के महत्वाकांक्षी परियोजना चीता पुनर्वास (चीता प्रोजेक्ट) परियोजना का हिस्सा है। भारत देश की धरती पर 70 सालों से विलुप्त होने के बाद चीता को देश में फिर से स्थापित करने की यह एक परियोजना है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 को देश के आखिरी चीते की मौत हुई थी। 1952 में चीता विलुप्त भारत घोषित कर दिया गया था।












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