Sagar News: अनंतपुरा में एक्सीडेंट, निजी बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, चार मासूम दोस्तों की मौके पर ही मौत
Sagar MP News: शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे रहली थाना क्षेत्र के अनंतपुरा गांव के पास सागर-दमोह हाईवे पर एक भयानक हादसे ने चार परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। दमोह जा रही एक निजी ट्रैवल्स बस (MP-15 PA 1485) ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार चारों किशोर-युवक 20-25 फीट दूर सड़क किनारे जा गिरे और मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक सभी अनंतपुरा और आसपास के गांव के रहने वाले थे और आपस में गहरे दोस्त थे। वे सुबह-सुबह सिमरिया हर्राखेड़ा किसी काम से जा रहे थे।

मृतक युवकों के नाम
- शिवम पाल (18 वर्ष)
- सत्यम पाल (17 वर्ष) - शिवम के सगे छोटे भाई
- प्राशू उर्फ प्रशांत पाल (14 वर्ष) - अपने माता-पिता का इकलौता बेटा, एक छोटी बहन है
- उमेश पाल (16 वर्ष) - दो भाइयों में छोटा
एक साथ चार चिताएं, गांव में मातम
अनंतपुरा गांव में एक साथ चार चिताएं सजने से कोहराम मच गया। रामचरण पाल ने एक ही झटके में अपने दोनों जवान बेटों को खो दिया। खुमान पाल का इकलौता बेटा प्रशांत चला गया। उमेश के पिता चेतू पाल का छोटा बेटा भी नहीं रहा। चारों घरों में सिर्फ रोना और सन्नाटा है। पड़ोसियों ने बताया कि ये चारों दोस्त सुबह 7 बजे घर से निकले थे, किसी को पता नहीं था कि लौटकर कोई नहीं आएगा।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
- चारों युवक एक ही मोटरसाइकिल (MP-15 MZ 9876) पर सवार थे।
- अनंतपुरा के पास हाईवे पर बस सामने से तेज रफ्तार में आई।
- ड्राइवर ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी।
- टक्कर के बाद बाइक के परखच्चे उड़ गए, चारों युवक हवा में उछलकर दूर जा गिरे।
- बस चालक मौके से फरार हो गया, बस को पुलिस ने जब्त कर लिया।
रहली थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया, "बस ड्राइवर की तलाश की जा रही है। लापरवाही से गाड़ी चलाने और धारा 304 IPC के तहत केस दर्ज किया गया है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सागर भेजा गया है।"

विधायक पहुंचे, सीएम से सहायता राशि की मांग
हादसे की सूचना मिलते ही देवरी विधायक और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजबिहारी पटेरिया बंडा में होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को बीच में छोड़कर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चारों घरों में जाकर परिजनों से मुलाकात की और सांत्वना दी।
विधायक पटेरिया ने मीडिया से कहा, "एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की मौत बेहद दर्दनाक है। मैंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फोन पर बात की है और प्रत्येक मृतक परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का अनुरोध किया है। सरकार हरसंभव मदद करेगी।"
गांव में मातम, सन्नाटा
अनंतपुरा गांव में शनिवार दोपहर तक कोई खाना नहीं बना। चारों शव घर के आंगन में रखे थे। महिलाएं बेहोश हो रही थीं। प्रशांत की मां बार-बार चिल्ला रही थीं, "मेरा लाल कहां गया... इकलौता बेटा था मेरा..." रामचरण पाल खाली आंखों से आसमान देख रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया, "ये चारों बहुत अच्छे दोस्त थे। रोज साथ घूमते थे। आज सुबह हंसते-बोलते निकले थे, लौटकर सिर्फ लाशें आईं।"
हाईवे पर बढ़ते हादसे, अब भी नहीं सुधरा सिस्टम
सागर-दमोह हाईवे पर पिछले 6 महीनों में 18 से ज्यादा जानलेवा हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निजी बसें और ट्रक बेतहाशा स्पीड में चलते हैं। स्पीड ब्रेकर नहीं हैं, साइन बोर्ड नहीं हैं, और पुलिस चेकिंग भी नाममात्र की है।
एक ग्रामीण ने गुस्से में कहा, "हर हफ्ते कोई न कोई मर रहा है। आज चार-चार बच्चे चले गए। कब तक यूं ही लाशें गिनते रहेंगे?"
सागर कलेक्टर और SP को इस हादसे की सूचना दी गई है। प्रशासन ने मुआवजे और जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन चार परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए बर्बाद हो चुकी है। सागर के अनंतपुरा गांव में आज सिर्फ मातम है। चार मां अपने लाल को गोद में उठाने को तरस रही हैं। चार चिताएं सज चुकी हैं। और सवाल वही - आखिर कब रुकेगा मौत का यह सिलसिला?












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