आवारा कुत्तों के मुद्दे पर नगर निगम की मीटिंग में हंगामा, कांग्रेस पार्षदों ने महापौर पर लगाया भेदभाव का आरोप
भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग हंगामे साथ शुरू हुई। विपक्ष के पार्षद मीटिंग में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेर ली। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर पर भेदभाव का आरोप लगाया। पटाखा फैक्ट्री से जुड़े सवाल पर महापौर के मौखिक जवाब नहीं देने पर कांग्रेस पार्षद 20 मिनट तक जमीन पर बैठे रहे।
मीटिंग आधे घंटे की देरी से सुबह 11.30 बजे शुरू हुई। शुरुआत में 'जय श्रीराम' का उद्घाटन भी हुआ। आज वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया जाएगा, जो करीब 900 करोड़ रुपये का होगा। एमआईसी में मंजूरी के बाद नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में बेड के हिसाब से लाइसेंस फीस का प्रस्ताव मीटिंग में रखा जाएगा।

परिषद की मंजूरी के बाद 1 से 301 या इससे अधिक बेड को लेकर वार्षिक शुल्क तय हो जाएगा। प्रस्ताव में 1 से 15 बेड वाले हॉस्पिटल की 10 हजार रुपए और 301 या इससे अधिक बेड पर 5 लाख रुपए सालाना फीस शामिल है। मीटिंग में निगम के अंतरिम बजट को भी अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। पूर्व वित्त वर्ष का बजट लोकसभा चुनाव के बाद पेश किया जाएगा।
पार्षद नसीम गफूर ने शहर में स्ट्रीट लाइट की खरीदी के संबंध में प्रश्न उठाया, जिसमें उन्होंने नेहरू नगर से 50 लाख रुपए की लाइट और सामान चोरी होने की बात कही। विपक्ष ने जांच कमेटी बनाने की मांग की। पार्षद अजीजउद्दीन ने पूछा कि 29 दिवसीय कर्मचारियों को निगम दैनिक वेतनभोगी नहीं मानता, उन्हें वेतन किस आधार पर दिया जाता है। एमआईसी मेंबर सुषमा बाविसा ने बताया कि कलेक्टर रेट के अनुसार वेतन का भुगतान किया जाता है, और निगम उन्हें निगम का कर्मचारी ही मानता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में जल्द ही बड़ा फैसला लिया जाएगा।












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