RSS नेता इंद्रेश कुमार ने समान नागरिक संहिता पर रखी राय, कही ये बड़ी बात
मध्यप्रदेश के भोपाल आए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने बताया की, समान नागरिक संहिता को एक राष्ट्र, एक व्यक्ति और एक कानून के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता एक बार फिर चर्चा का विषय बनी है जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने बताया की, समान नागरिक संहिता को एक राष्ट्र, एक व्यक्ति और एक कानून के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि, हमने सभी सवालों में आश्वासन दिया है कि यह मुस्लिम विरोधी या इस्लाम विरोधी नहीं है। यह सभी धर्मों के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक 'सुरक्षा कवच' है। हमें घबराना नहीं चाहिए और इसका स्वागत करना चाहिए।

राजधानी भोपाल में आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने लव जिहाद पर अपनी बात रखते हुए कहा कि, प्यार के नाम पर हत्या और धर्मांतरण हो रहा है, प्रेम के नाम पर वासना का व्यापार चल रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत में समान नागरिक संहिता को लेकर चर्चा हो रही है, जहां केंद्र की भाजपा सरकार इसे अपने चुनावी वादों में भी शामिल करते रही है। बीजेपी के कई नेता और मंत्री लगातार भारत में समान नागरिक संहिता को लागू करने के बाद भी कहते नजर आ रहे हैं। वहीं इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
क्या है समान नागरिक संहिता?
समान नागरिक संहिता अथवा समान आचार संहिता का अर्थ एक पंथनिरपेक्ष (सेक्युलर) कानून होता है जो सभी पंथ के लोगों के लिये समान रूप से लागू होता है। दूसरे शब्दों में, अलग-अलग पंथों के लिये अलग-अलग सिविल कानून न होना ही 'समान नागरिक संहिता' की मूल भावना है। समान नागरिक कानून से अभिप्राय कानूनों के वैसे समूह से है जो देश के समस्त नागरिकों (चाहे वह किसी पंथ क्षेत्र से संबंधित हों) पर लागू होता है। यह किसी भी पंथ जाति के सभी निजी कानूनों से ऊपर होता है।
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