MP News: मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान उग्र हुए किसानों पर पुलिस ने क्यों किया लाठी चार्ज, जानिए
आगामी त्यौहारों अनंत चतुर्दशी, डोल ग्यारस और मिलादुन्नबी के मद्देनजर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगरीय पुलिस भोपाल द्वारा आज सुबह पुलिस लाइन, नेहरू नगर में बलवा मॉक ड्रिल परेड का आयोजन किया गया।
इस परेड का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त श्रद्धा तिवारी और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू ठाकुर ने किया। परेड में करीब 500 पुलिस जवान, समस्त सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, थानों का बल और रक्षित केंद्र के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए।

बलवा मॉक ड्रिल परेड का महत्व
परेड के दौरान पुलिस उपायुक्त श्रीमती श्रद्धा तिवारी ने सभी जवानों को संबोधित करते हुए बलवा ड्रिल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों को सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होता है। उन्होंने जवानों को इस बारे में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
बलवा मॉक ड्रिल का आयोजन
बलवा मॉक ड्रिल रिहर्सल परेड में पुलिस जवानों को विभिन्न टीमों में विभाजित किया गया, जिनमें टियर गैस पार्टी, अश्रु गैस पार्टी, लाठी पार्टी, राइफल पार्टी, मेडिकल पार्टी और वाटर कैनन पार्टी शामिल थीं। प्रत्येक टीम को उनके कार्यों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। इस ड्रिल में 150 से अधिक टियर गैस सेल और ग्रेनेड का उपयोग किया गया। साथ ही, वाटर कैनन, बज्र वाहन, रुद्र वाहन, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक उपकरणों का निरीक्षण और अभ्यास किया गया।
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन
इसी बीच, मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों की भीड़ अचानक उग्र हो गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले चेतावनी दी, फिर टियर गैस और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अलाउंसमेंट के माध्यम से चेतावनी दी, लेकिन भीड़ के उग्र होने पर मजिस्ट्रेट के आदेश पर लाठी चार्ज किया गया। अनियंत्रित भीड़ को रोकने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए फायरिंग भी की गई, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को मेडिकल पार्टी द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

बलवा ड्रिल का उद्देश्य
बलवा मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को विपरीत परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित करना था। इस ड्रिल में पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों और नियंत्रण करने वाली टीम, दोनों भूमिकाओं का अभ्यास किया। समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है ताकि पुलिसकर्मी अपनी क्षमताओं का आकलन कर सकें और धरना-प्रदर्शन जैसी स्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकें।
इस आयोजन के माध्यम से पुलिस ने न केवल अपनी तैयारियों को परखा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि त्यौहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने में कोई कमी न रहे।












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