Bhopal News: बच्चियों को अगवा करने मामले में बड़ा खुलासा, अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़े चोर गिरोह के तार
Bhopal News: राजधानी के पीरगेट क्षेत्र स्थित कर्फ्यू वाली माता मंदिर से अगवा की गई सगी बहनों के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है दरअसल पुलिस ने नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि इस ग्रहण के तार अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से अगवा किए गए दो और बच्चे बरामद किए है। इसमें ढाई साल की बच्ची अकीरा और तीन माह की बच्ची एंजेल शामिल है।
आरोपी दोनों बच्चों को कुछ दिन बाद विदेश में बेचने की तैयारी थी इधर पुलिस की पूछताछ के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एनसीआर की महिला डॉक्टर का नाम सामने आया है, जिसे आरोपी भोपाल से अगवा की गई बच्चियों को बेचने वाले थे। यशोदा एक लाख रुपए में तय हुआ था। अब डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भी रवाना की जा रही है। इस गिरोह में एक आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है।

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह शहर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों की तलाश कर रहा था। इस गैंग के लोग गरीब बच्चों को टारगेट करते थे, जो सड़क किनारे भीख मांगने वाले या मजदूर के हो। पुलिस ने बताया कि यह पहली बार भोपाल आए थे और वारदात को अंजाम देते, इससे पहले पकड़ा गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह पहले भी इसी तरह से बच्चे भेज चुके हैं हालांकि आरोपित महिला सहयोग नहीं कर रही है।
गौरतलब है कि रतलाम के रहने वाले मुकेश आदिवासी 1 महीने पहले ही अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लालघाटी रहने आए थे। शनिवार को सुबह मुकेश की पत्नी लक्ष्मी कर्फ्यू वाली माता मंदिर पर बैठी थी। उसके पास दो महिलाएं आई और कन्या भोज करने के नाम पर बच्ची काजल और दीपावली को अपने साथ ले गई।
जिसे अपना पति बता रही थी। वह उसका लिव इन पार्टनर निकाला
क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कोलार के इंग्लिश विला कॉलोनी में भविष्य देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से अगवा की गई बच्चों को छुड़ाया। गिरफ्तार की गई आरोपियों में हरियाणा की रहने वाली 32 वर्षीय अर्चना सिंह शामिल है। वह इस पूरे गिरोह की मुख्य सरगना बताई जा रही है। हालांकि पुलिस गिरफ्त में आने के बाद वह जिसे अपना पति बता रही थी। वह उसका लिव इन पार्टनर निकाला और जिन बच्चों को वह अपना बता रही थी वह अगवा कर भोपाल में ही लाकर छिपाए गए थे।
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ा तार
इस मामले में जानकारी देते हुए डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। भोपाल के बच्चों को बरामद करने के बाद उनसे दो बच्चे और बरामद किए गए हैं। वह काफी छोटे हैं। उनके नाम जापानी बच्चों की तरह रखे गए हैं। पूछताछ में पता चला कि इनका सौदा विदेश में किया जा रहा था। इनकी ग्रुप में एक मुस्कान नाम की लड़की भी काम कर रही है, जो अपने घर से भाग कर आई है।
कैसे हुआ खुलासा
डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि आरोपी एनसीआर की दो महिला डॉक्टर उसे संपर्क में थे। आरोपियों के साथ उनकी कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली है। जिसमें भोपाल से अगवा की गई बच्चों के लेनदेन की बात की जा रही है। आरोपियों द्वारा कॉल रिकॉर्डिंग में बच्ची की कीमत ₹1 लाख कहीं जा रही है, वहीं डॉक्टर ₹25000 देने की बात कर रहे हैं। पुलिस द्वारा आशंका जताई जा रही कि यह बच्चे विदेश में भी भेजे जाते हैं। उनको विदेशी मुद्रा में भुगतान किया जाता है, इससे यह लग्जरी लाइफ जीते हैं। इस गैंग के सदस्य करीब ढाई महीने से भोपाल में थे। पहले निशातपुरा में रहे, लेकिन वहां बच्चे नहीं मिलने पर वह कोलार शिफ्ट हो गए।












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