Women Reservation Bill: रिजर्वेशन से महिला दावेदारों में बढ़ी आस, अब तक MP में 10% से भी कम मिले टिकट
Bhopal News: लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने का बिल लोकसभा और राज्यसभा में पारित होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस कार्यालय में महिला दावेदारों की भीड़ बढ़ गई है। महिलाओं में यह आग जागी है कि प्रदेश में होने वाले इस विधानसभा चुनाव में बिना यह आरक्षण लागू हुई महिलाओं के चुनाव लड़ने की संख्या बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश में महिला विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ने से बचाती है महिलाओं का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर प्रदेश के हाल ऐसे हैं कि पिछले आठ चुनाव में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि पुरुष उम्मीदवारों के मुकाबले में महिला उम्मीदवारों की संख्या 10 फीसदी भी रही हो। इस दौरान पिछले आठ चुनावों में उम्मीदवार बनी महिलाओं का आंकड़ा डेढ़ हजार भी पार नहीं कर सका है।

मध्य प्रदेश में पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर रुझान कम ही नजर आता है। राजनीतिक दल भी पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं को टिकट दिए जाने में इतनी तबज्जू नहीं देते है। नतीजे में प्रदेश विधानसभा में 14% से ज्यादा महिला विधायकों की संख्या ही नहीं हो पाती है प्रदेश की विधानसभा में अभी महिला विधायकों की संख्या में महज 21 है।
यह रही पिछले कुछ चुनावों की स्थिति
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है, लेकिन पुरुषों की तुलना में यह काम बढ़ पाई है। पिछले विधानसभा चुनाव में 255 महिलाओं ने अपना भाग्य आजमाया था, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 2644 थी। प्रतिशत के अनुसार सबसे ज्यादा महिलाओं ने चुनाव साल 2003 में लड़ा था। उस वक्त प्रदेश में कुल उम्मीदवारों की संख्या 2171 थी, जिनमें से 199 महिलाएं और 1972 पुरुषों ने चुनाव लड़ा था। यह अब तक के सबसे ज्यादा 9.17 प्रतिशत था। इसके बाद पिछले चुनाव में पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं का चुनाव लड़ने का प्रतिशत 8.8 रहा।
किेस चुनाव में कितनी महिलाएं उत्तरी मैदान में
मध्य प्रदेश में 1998 तक के चुनाव में 320 विधानसभा सीटें होती थी। साल 1985 में कुल 2450 उम्मीदवार मैदान में उतरे, इनमें से सिर्फ 76 महिलाओं ने चुनाव लड़ा यह पुरुष उम्मीदवारों के मुकाबले में 3.0% था। इसके बाद साल दो यार 1990 में कुल उम्मीदवारों की संख्या 4216 हुई महिलाओं उम्मीदवारों की भी संख्या बढ़कर 150 हुई यहां पर महिलाओं उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने का प्रतिशत बढ़कर 3.56 हुआ। साल 1993 में हुए चुनाव में कुल 3729 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे। इनमें से 164 महिलाएं थी। उनका प्रतिशत बढ़कर 4.4 हुआ। साल 1998 में कुल 2510 उम्मीदवार चुनाव लड़े। इनमें से महिलाओं उम्मीदवारों की संख्या 181 हुई, महिलाओं के चुनाव लड़ने का प्रतिशत पहली बार 7.21 हुआ साल 2003 के चुनाव में प्रदेश में विधानसभा की सीटें कम होकर 2003 हो गई। इन 230 सीटों पर कुल 2171 उम्मीदवार बने, इनमें से महिलाओं की संख्या 199 रही। यह पुरुषों के मुकाबले में 8.17% रहा। साल 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में 3179 लोगों ने चुनाव लड़ा। इसमें से 221 महिलाएं थी यहां पर उनका प्रतिशत कम होकर 6.95 आ गया। इसके बाद साल 2013 के चुनाव में 2583 लोगों ने चुनाव लड़ा, जबकि 200 महिलाएं भी उम्मीदवार बनी, प्रतिशत बढ़कर 7.74 हुआ। संख्या के अनुसार पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा महिलाएं उम्मीदवार बनी साल 2018 में 255 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था।
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