MP Newनरसिंहपुर में पुलिस की गुंडागर्दी, TI ने व्यापारी को पिटवाया, VIDEO बनाकर उड़ाया मजाक, जनता ने थाना घेरा
Bhopal News: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली में सोमवार, 18 अगस्त 2025 की सुबह एक ऐसी घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया, जिसने पुलिस की बर्बरता और दबंगई को उजागर कर दिया। करेली के स्थानीय व्यापारी राजन यादव को पुलिसकर्मियों ने लात-घूंसों से पीटा, घसीटा, और जमीन पर पटक दिया।
इस क्रूरता का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि थाना प्रभारी (टीआई) प्रियंका केवट ने न केवल इस पिटाई का आदेश दिया, बल्कि खुद इसका वीडियो भी बनाया। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने करेली थाने का घेराव कर लिया, और व्यापारी संगठनों ने मंडी बंद करने की घोषणा कर दी।

यह घटना न केवल पुलिस की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि जनता के गुस्से और लोकतंत्र में पुलिस की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।
क्या थी पूरी घटना?
सोमवार सुबह करेली के स्थानीय व्यापारी राजन यादव अपने निजी काम से बैंक गए थे। वहाँ पार्किंग को लेकर उनका टीआई प्रियंका केवट से विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद छोटा-मोटा था और बातचीत से सुलझाया जा सकता था। लेकिन टीआई ने इसे व्यक्तिगत रूप से ले लिया और अपने स्टाफ को राजन यादव को "सबक सिखाने" का आदेश दे दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने राजन को घेर लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मी राजन को लात-घूंसे मार रहे हैं, उसे जमीन पर घसीट रहे हैं, और बार-बार पटक रहे हैं। इस दौरान टीआई प्रियंका केवट पास खड़ी होकर अपने मोबाइल से इस पाशविक कृत्य का वीडियो रिकॉर्ड करती नजर आईं। वीडियो में उनकी हँसी और टिप्पणियाँ सुनाई दे रही हैं, जो इस घटना को और भी घृणित बनाती हैं।
जनता का गुस्सा: थाने का घेराव और मंडी बंद
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजन यादव के परिजनों, स्थानीय व्यापारियों, और हजारों लोगों ने करेली थाने का घेराव कर लिया। गुस्साए लोगों ने "पुलिस की गुंडागर्दी बंद करो" और "टीआई को सस्पेंड करो" जैसे नारे लगाए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
ग्रैंड मर्चेंट एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा की और ऐलान किया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों और टीआई प्रियंका केवट पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, करेली मंडी में अनाज की खरीद-बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा, "यह सिर्फ राजन यादव की पिटाई का मामला नहीं है। यह पुलिस की दबंगई और व्यापारियों के सम्मान पर हमला है। हम तब तक मंडी बंद रखेंगे, जब तक हमें न्याय नहीं मिलता।"
थाने पर पूर्व विधायक संजय शर्मा भी पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा, "यह घटना शर्मनाक है। पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है, न कि उसे पीटना। हम इस मामले को विधानसभा तक ले जाएँगे।"
पुलिस का रुख: चुप्पी और बचाव
घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, टीआई प्रियंका केवट ने अपने बचाव में कहा कि राजन यादव ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई। हालांकि, इस दावे को जनता और व्यापारी संगठनों ने सिरे से खारिज कर दिया।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने नरसिंहपुर में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी राकेश वर्मा ने कहा, "पुलिस को लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं। एक छोटे से विवाद में किसी को इस तरह पीटना और उसका वीडियो बनाना अपराध है।"
विपक्षी दलों ने भी इस मामले को जोर-शोर से उठाया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को "पुलिस राज" का उदाहरण बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने अपने X पोस्ट में लिखा, "BJP सरकार में पुलिस गुंडों की तरह व्यवहार कर रही है। नरसिंहपुर में व्यापारी की पिटाई इसका सबूत है। हम इस अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।
BJP की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय BJP नेताओं ने इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि मामले की जाँच होनी चाहिए।
सुरक्षा और जवाबदेही पर सवाल
यह घटना पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को इस तरह की मनमानी करने से रोकने के लिए सख्त नियम और प्रशिक्षण की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शर्मा ने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश में पुलिस की बर्बरता सामने आई है। अगर टीआई जैसे वरिष्ठ अधिकारी इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा।"
मंडी बंद का असर
करेली मंडी नरसिंहपुर जिले का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहाँ रोजाना लाखों रुपये का अनाज खरीदा और बेचा जाता है। मंडी बंद होने से स्थानीय किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। एक स्थानीय किसान, रामकिशोर, ने कहा, "हमारा अनाज मंडी में नहीं बिक रहा। पुलिस की इस हरकत की सजा हमें क्यों भुगतनी पड़ रही है?"
ग्रैंड मर्चेंट एसोसिएशन ने मांग की है कि टीआई प्रियंका केवट को तत्काल सस्पेंड किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
भविष्य की चुनौतियां
इस घटना ने नरसिंहपुर में पुलिस और जनता के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। थाने पर हजारों लोगों का जमावड़ा और मंडी बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। पुलिस प्रशासन ने अलर्ट मोड में अतिरिक्त बल तैनात किया है, लेकिन जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने इस मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की है, जो 72 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।












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