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MP News: मोहन यादव सरकार की अपील – समय सीमा से पहले करें रजिस्ट्रेशन, वरना नहीं मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ

MP Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू की थी, जिसकी अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 निर्धारित है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीयन नहीं होने पर किसानों को MSP का लाभ नहीं मिल सकेगा और उन्हें फसल बाजार भाव पर बेचनी पड़ सकती है।

mp wheat procurement 2026 registration last date 7 march msp 2585- cm mohan yadav

राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे 7 मार्च तक अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं। इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है। सरकार का कहना है कि MSP में यह वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रदेशभर में कुल 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों का निःशुल्क रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। ये केंद्र सहकारी समितियों, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और अन्य निर्धारित स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा किसान घर बैठे ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.mp.gov.in) या MP-euparjan मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

आधार OTP और मोबाइल वेरिफिकेशन के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाता, खसरा-खतौनी की प्रति और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। सिकमी या बटाईदार किसानों को 2 फरवरी से पूर्व पंजीकृत अनुबंध प्रस्तुत करना होगा, जबकि वन पट्टाधारी किसानों को वन पट्टा दिखाना जरूरी है।

पंजीयन के बाद किसानों को स्लॉट बुकिंग करनी होगी, जिसके आधार पर खरीद केंद्र पर फसल तुलाई की तारीख तय होगी। केंद्रों पर फसल की गुणवत्ता जांच, डिजिटल तौल और रियल-टाइम डेटा एंट्री की व्यवस्था की गई है। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। सरकार का दावा है कि पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली से उपार्जन प्रक्रिया को और मजबूत बनाया गया है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं का रकबा बढ़ा है, इसलिए अधिक से अधिक किसानों को पंजीयन से जोड़ना जरूरी है, ताकि उपार्जन सुचारू रूप से हो सके। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द पंजीयन व स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर नजदीकी पंजीयन केंद्र, जिला आपूर्ति अधिकारी या विभागीय हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र किसान को उसकी फसल का उचित और सुनिश्चित मूल्य मिले तथा भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे।

क्या है पूरी अपडेट?

भोपाल से जारी आंकड़ों के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन पंजीयन तेज़ी से जारी है। अब तक 4,42,288 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 तय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की है। इस वर्ष गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल से ₹160 अधिक है।

पंजीयन की जरूरी जानकारी

  • शुरुआत: 7 फरवरी 2026
  • अंतिम तिथि: 7 मार्च 2026
  • कुल पंजीयन केंद्र: 3186
  • ऑनलाइन पंजीयन: mpeuparjan.mp.gov.in
  • MP-euparjan मोबाइल ऐप उपलब्ध

जरूरी दस्तावेज:

आधार कार्ड, आधार लिंक बैंक खाता, खसरा-खतौनी, मोबाइल नंबर

विशेष प्रावधान:

  • बटाईदार/सिकमी किसानों को पूर्व पंजीकृत अनुबंध जरूरी
  • वन पट्टाधारी किसानों को वन पट्टा दिखाना अनिवार्य

कैसे होगी खरीद और भुगतान?

  • पहले स्लॉट बुकिंग
  • गुणवत्ता जांच और डिजिटल तौल
  • भुगतान सीधे बैंक खाते में
  • रियल-टाइम डेटा एंट्री से पारदर्शी प्रक्रिया
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