MP News: मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, नदी-नाले उफान पर, उज्जैन में कार बही, इन 23 जिलों में अलर्ट जारी
मध्यप्रदेश में मानसून की बेरहम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, और लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदियों और पुलियों को पार करने को मजबूर हैं। उज्जैन में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां भारी बारिश के बीच एक कार उफनती पुलिया से बह गई।
गनीमत रही कि कार झाड़ियों में फंस गई, और वहां मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना मध्यप्रदेश में बारिश के कहर और उससे उत्पन्न खतरों का जीवंत उदाहरण है।

डैम के गेट खुले, बाढ़ का खतरा बढ़ा
प्रदेश में बारिश की तीव्रता के कारण कई डैमों के गेट खोलने पड़े हैं। उज्जैन में गंभीर डैम का एक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके। नर्मदापुरम में तवा डैम के तीन गेट रविवार को भी खुले रहे, जिससे नदी-नालों में पानी का बहाव और तेज हो गया है। रायसेन में भारी बारिश के बाद राहतगढ़ वाटरफॉल 80 फीट की ऊंचाई से पानी के साथ मलबा और पत्थर बहा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार, 31 अगस्त 2025, के लिए मध्यप्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, चंबल और सागर संभागों में भी तेज बारिश की संभावना है।
दो स्ट्रॉन्ग सिस्टम: बारिश का कारण
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश के बीच से गुजर रही मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी के कारण बारिश का यह तीव्र दौर देखने को मिल रहा है। शनिवार को इंदौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई, और रविवार को भी यह सिस्टम सक्रिय रहेगा। इसके चलते कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
इंदौर और खरगोन में जलप्रलय
शनिवार को प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में बादल जमकर बरसे। इंदौर में 3.1 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण सड़कों पर नदी जैसा बहाव देखने को मिला। खरगोन में डेढ़ इंच बारिश हुई, जबकि गुना में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। ग्वालियर, पचमढ़ी, रतलाम, बालाघाट, हरदा, श्योपुर, मंदसौर और धार में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर रात तक जारी रहा। इंदौर के प्रजापत नगर में तेज बहाव के कारण पंडाल सहित गणेश प्रतिमा बह गई, और एक कार भी पानी में बहती नजर आई।
बाढ़ का खतरा और जनजीवन पर असर
लगातार बारिश के कारण मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नालों के उफान पर होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मंडला में बिछिया से घुघरी मार्ग पर नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। होमगार्ड की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं और अब तक 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
शिवपुरी में भी तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। एक घटना में कोलारस के पहाड़ाखुर्द में रपटे पर बहते पानी के बीच एक बस फंस गई थी, जिसे ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर द्वारा निकाला गया। नीमच में उफनती पुलिया पार करने की कोशिश में दो बाइक सवार बह गए, हालांकि उन्हें समय रहते बचा लिया गया।
प्रशासन की तैयारियां और चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में लो-प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ का असर बना हुआ है, जिसके चलते बारिश और तेज हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और पुलियों से दूर रहने की सलाह दी है। उज्जैन डैम प्रशासन को बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।












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