MP News: विधानसभा में ‘ख्याली पुलाव’ पर सियासत गरम, उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस का थाली बजाकर विरोध
MP Vidhan Sabha: मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के चौथे दिन सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी तापमान उस वक्त और चढ़ गया, जब उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सरकार के कथित झूठे और खोखले वादों के खिलाफ विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
गांधी प्रतिमा के समक्ष हुए इस सांकेतिक विरोध में कांग्रेस विधायक हाथों में थाली लेकर पहुंचे और सरकार द्वारा जनता को परोसे जा रहे 'ख्याली पुलाव' के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन का दृश्य न सिर्फ प्रतीकात्मक था, बल्कि सरकार की नीतियों पर तीखा राजनीतिक संदेश भी देता नजर आया।

कांग्रेस विधायक दल का आरोप
कांग्रेस विधायक दल का आरोप था कि प्रदेश की भाजपा सरकार कागजी घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों के सहारे सत्ता चला रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि रोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार लगातार वादे कर रही है, लेकिन धरातल पर नतीजे शून्य हैं। उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से प्रदेश में नियमित भर्तियां ठप पड़ी हैं। लाखों युवा सरकारी नौकरियों की आस में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें सिर्फ आश्वासन और उम्मीदों का 'ख्याली पुलाव' परोस रही है।
महिलाओं से 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा झूठा
लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं से 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी बहनें उस वादे के पूरे होने का इंतजार कर रही हैं। दूसरी ओर बिजली के बढ़ते बिलों से आम आदमी त्रस्त है, बावजूद इसके सरकार राहत देने के दावे कर रही है। उमंग सिंघार के अनुसार ये दावे भी जमीन पर उतरने के बजाय सिर्फ भाषणों और विज्ञापनों तक सीमित रह गए हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है, दवाइयों का अभाव है और इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके उलट सरकार हर मंच से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा करती नहीं थकती। उन्होंने कहा कि यही हाल शिक्षा व्यवस्था का भी है, जहां स्कूलों और कॉलेजों में संसाधनों की कमी साफ दिखाई देती है, लेकिन सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय केवल घोषणाओं का सहारा ले रही है।
खाद और बीज के लिए किसान परेशान
किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि खाद और बीज के लिए किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार खुशहाली के सपने दिखाने में लगी है। ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि इस विषय पर लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, ठोस और कानूनी कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ग को उम्मीदों में उलझाकर समय निकालने का काम कर रही है।|
विधानसभा से लेकर सड़क तक जारी रहेगा संघर्ष - सिंघार
नेता प्रतिपक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आवाज है। यह युवाओं के भविष्य, किसानों के हक, महिलाओं के सम्मान और आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और जनता से जुड़े सवालों पर विधानसभा से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा परिसर में थाली बजाकर किया गया यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक सियासी चेतावनी की तरह देखा जा रहा है-कि अगर घोषणाओं से आगे बढ़कर काम नहीं हुआ, तो विरोध और तेज होगा।












Click it and Unblock the Notifications