MP News: समाधान योजना में लापरवाही अब पड़ेगी भारी, ट्रांसफर नहीं, सीधे डिमोशन होगा, जानिए कैसे
Samadhan-Yojana: मध्य प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और बकाया वसूली को तेज करने के लिए सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। समाधान योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब केवल ट्रांसफर नहीं, बल्कि डिमोशन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान दी।
ऊर्जा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सर्किलवार समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन पर सख्त संदेश
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने समाधान योजना की सर्किलवार प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मध्य, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि फील्ड में वास्तविक सुधार की कसौटी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं हो रही है, वहां सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन पर इनाम, गोपनीय चरित्रावली में एंट्री होगी। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कारों की भी घोषणा की-
- समाधान योजना में अव्वल सर्किल के अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपये का नकद इनाम
- कंपनी क्षेत्र में प्रथम सर्किल को 25 हजार रुपये
- सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रुपये का पुरस्कार
इतना ही नहीं, अच्छे प्रदर्शन की गोपनीय चरित्रावली (CR) में भी सकारात्मक प्रविष्टि की जाएगी, जिससे भविष्य की पदोन्नति में लाभ मिलेगा।
2 लाख से अधिक बकाया वालों से खुद बात करें CE और SE
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने निर्देश दिए कि- जिन उपभोक्ताओं पर 2 लाख रुपये से अधिक बिजली बिल बकाया है। उनसे मुख्य अभियंता (CE) और अधीक्षण अभियंता (SE) स्वयं संपर्क करें। ऐसे सभी मामलों की डिटेल मंत्री कार्यालय को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि कंपनी की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बड़े बकायादारों से सख्त वसूली सबसे जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहकर निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
समाधान योजना में अब तक 578 करोड़ से ज्यादा की वसूली
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार-
- समाधान योजना के तहत अब तक 578 करोड़ 22 लाख रुपये की राशि जमा हो चुकी है
- उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रुपये के सरचार्ज माफ किए गए हैं
- सबसे अधिक 382 करोड़ 72 लाख रुपये की वसूली मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र से हुई है
- समाधान योजना का प्रथम चरण 31 जनवरी तक चलेगा।
बकाया नहीं चुकाने वालों के कनेक्शन काटने के निर्देश
ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने बैठक में कहा कि-लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाएं। लक्ष्य के अनुसार वसूली सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनूप सिंह सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
साफ संदेश: बिजली सुधार में अब नहीं चलेगी ढिलाई
ऊर्जा मंत्री के सख्त रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि बिजली व्यवस्था, किसानों की आपूर्ति और राजस्व वसूली को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। समाधान योजना को सरकार ने अब प्रशासनिक जवाबदेही का पैमाना बना दिया है।












Click it and Unblock the Notifications