MP News: रीवा में चोटी उखाड़ने की घटना पर उबाल, रोहित यादव के समर्थन में उतरी आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी
MP News rewa: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से सामने आई एक शर्मनाक और संवेदनशील घटना ने प्रदेश की सियासत और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है।
रीवा जिले में युवक रोहित यादव की चोटी उखाड़े जाने के मामले में अब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) - भीम आर्मी ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। संगठन ने इस घटना को खुली जातिगत दबंगई और सामाजिक अपमान करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित रोहित यादव से ASP नेताओं की सीधी बात
घटना के सामने आते ही आज़ाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं DPSS (दलित पिछड़ा समाज संगठन) प्रमुख दामोदर यादव मंडल ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित रोहित यादव से बात की। इस दौरान उन्होंने रोहित को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सम्मान, पहचान और समानता पर सीधा प्रहार है।
दामोदर यादव मंडल ने कहा, "विंध्य क्षेत्र में जातिगत दबंगई करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उन्हें जेल भेजा जाएगा।"
'चोटी उखाड़ना सिर्फ हमला नहीं, मानसिक प्रताड़ना'
ASP नेताओं का कहना है कि किसी व्यक्ति की चोटी उखाड़ना केवल शारीरिक हमला नहीं, बल्कि धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को अपमानित करने का कृत्य है। यह घटना बताती है कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में जातिगत श्रेष्ठता की मानसिकता जिंदा है।
दामोदर यादव मंडल ने साफ शब्दों में कहा कि,
"यह घटना SC-ST एक्ट, IPC की गंभीर धाराओं और मानवाधिकार उल्लंघन के दायरे में आती है। यदि प्रशासन ने ढिलाई दिखाई, तो सड़क से सदन तक संघर्ष होगा।"
SP-IG से हुई बात, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
ASP नेता दामोदर यादव मंडल ने रीवा के SP और IG स्तर के अधिकारियों से भी सीधे बात की है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे खुद रीवा पहुंचकर बड़ा जन आंदोलन करेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर प्रशासन ने मामले को हल्के में लिया, तो यह आंदोलन सिर्फ रीवा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे विंध्य में गूंजेगा।"
विंध्य में बढ़ रही जातिगत घटनाओं पर चिंता
ASP और भीम आर्मी नेताओं ने आरोप लगाया कि विंध्य क्षेत्र में हाल के वर्षों में जातिगत हिंसा, अपमान और दबंगई की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर दबाव में कमजोर पड़ जाती है।
संगठन ने मांग की है कि-
- दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
- पीड़ित रोहित यादव को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए
- मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित की जाए
- राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल
इस घटना के बाद रीवा ही नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। भीम आर्मी समर्थकों और दलित-पिछड़ा समाज के युवाओं में गहरी नाराज़गी है। कई संगठनों ने इसे सम्मान की लड़ाई बताया है।
रीवा में रोहित यादव की चोटी उखाड़ने की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक न्याय, बराबरी और सम्मान की लड़ाई बनती जा रही है। आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी की सक्रियता के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि पुलिस और सरकार कितनी गंभीरता से इस मामले में कार्रवाई करती है, या फिर विंध्य एक बड़े आंदोलन का गवाह बनेगा।












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