MP News: LPG संकट के बीच इंदौर में बड़ा खुलासा, अवैध गोदाम से 66 सिलेंडर, रिफिलिंग मशीन और बुलेट जब्त
Indore News: वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और LPG सप्लाई संकट के बीच मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच इंदौर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गैस गोदाम का भंडाफोड़ किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह न्यू लोहा मंडी इलाके में छापा मारकर 66 गैस सिलेंडर और रिफिलिंग से जुड़े कई उपकरण जब्त किए हैं।
प्रशासन का कहना है कि गैस संकट का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से सिलेंडरों का भंडारण और रिफिलिंग कर कालाबाजारी कर रहे थे, जिससे आम लोगों को घरेलू सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही थी।

सुबह 6 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने गुरुवार (12 मार्च 2026) सुबह करीब 6 बजे न्यू लोहा मंडी इलाके में छापामार कार्रवाई की। यहां हरिओम गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण और रिफिलिंग का कारोबार चलाया जा रहा था।
टीम के पहुंचते ही गोदाम में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मुख्य आरोपी हरिओम गुप्ता मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
छापे में क्या-क्या मिला
कार्रवाई के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर और उपकरण बरामद किए।
बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- 24 कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो वाले)
- 42 घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो वाले)
- कुल 66 सिलेंडर जब्त
- 3 इलेक्ट्रिक मोटर (सिलेंडर रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल)
- 2 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे
- एक बुलेट मोटरसाइकिल (सिलेंडरों के परिवहन और वितरण में उपयोग)
- इन सभी सामानों को जब्त कर लिया गया है और गोदाम को प्रशासन ने सील कर दिया है।
अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू के मार्गदर्शन में गठित टीम ने की। टीम में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, जिनमें:
- कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अंकुर गुप्ता
- सुचित्रा दुबे
- अजय अस्थाना
- अन्य विभागीय सदस्य
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में LPG संकट के बीच इस तरह के अवैध गोदामों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
घरेलू सिलेंडरों का कमर्शियल उपयोग कर रहे थे आरोपी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से कमर्शियल उपयोग में ला रहा था। इन सिलेंडरों को रिफिल कर होटल, ढाबों और छोटे व्यापारियों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। इस तरह की गतिविधियों से दोहरा नुकसान हो रहा था-एक ओर घरेलू उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही थी, वहीं दूसरी ओर बाजार में कालाबाजारी बढ़ रही थी।
संकट के बीच ब्लैक मार्केटिंग बढ़ी
प्रदेश में इन दिनों LPG की सप्लाई को लेकर पहले ही संकट की स्थिति बनी हुई है। कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक ब्लैक मार्केट में कमर्शियल सिलेंडर ₹2000 से ₹5000 तक में बेचे जा रहे हैं। वहीं घरेलू सिलेंडर के लिए भी कई जगहों पर 5 से 7 दिन की वेटिंग चल रही है।
कलेक्टर का बयान
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और कालाबाजारी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन अवैध भंडारण और रिफिलिंग पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहां नागरिक गैस से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आगे क्या कार्रवाई होगी
प्रशासन ने आरोपी हरिओम गुप्ता के खिलाफ Essential Commodities Act के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना और जेल दोनों की सजा हो सकती है। इसके साथ ही शहर में अन्य संदिग्ध गैस गोदामों और अवैध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी छापामार कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगर कहीं अवैध गैस भंडारण, रिफिलिंग या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के सहयोग से ही इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
इंदौर में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि LPG संकट के बीच प्रशासन अब कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है, ताकि आम लोगों को गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो सके।












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