MP में पहली बार विदेशी नस्ल की गाय ने देसी बछड़े को दिया जन्म, IVF तकनीक से सरोगेट मदर बनी हॉस्टीन फ्रीजियन

राजधानी में मदर फुल फॉर्म में पहली बार विदेशी नस्ल की गाय होल्सटीन फ्रीजियन ने IVF तकनीक की मदद से बछड़े को जन्म दिया है।

MP : पहली बार विदेशी नस्ल की गाय ने देसी बछड़े को दिया जन्म

भोपाल के मदर फुल फॉर्म में पहली बार विदेशी नस्ल की गाय होल्सटीन फ्रीजियन ने आईवीएफ तकनीक की मदद से बछड़े को जन्म दिया है। यह लैब में तैयार किया गया पहला एंब्रियो था जिसे पिछले साल 13 अप्रैल को इस गाय में प्रत्यारोपित किया गया था। एमपी के राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के एमडी डॉक्टर एमबीबीएस भदोरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस एंब्रियो के लिए गिर गाय से अंडाणु और सांड से सामान्य सीमन लिया गया था। जिसका परिणाम है कि विदेशी नस्ल की गाय ने बछड़े को जन्म दिया हैं। वहीं जिस एंब्रियो तैयार किया गया उस समय तक सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक इजाद नहीं हुई थी।

पहला एनिमल एंब्रियो जनवरी 2022 में तैयार हुआ

पहला एनिमल एंब्रियो जनवरी 2022 में तैयार हुआ

केरवा डैम के पास स्टेज मदर बुल फॉर्म आईवीएफ लैब 2019-2020 में स्थापित की गई थी। यहां के लैब इंचार्ज डॉ आनंद सिंह कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की वजह से प्रोजेक्ट में कई बाधाएं आई थी। उपकरण भी नहीं थे। ऐसे में एंब्रियो तैयार करने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पहला एनिमल एंब्रियो जनवरी 2022 में तैयार हुआ। अब तक कुल 22 एंब्रियो तैयार हुए हैं।

पहली बार ऐसा प्रयोग

पहली बार ऐसा प्रयोग

मदर बुल फॉर्म की डॉक्टर पल्लवी चौबे ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल खत्म होने के बाद से ही जर्मनी, यूएस आदि जगहों से जरूरी उपकरण रासायनिक पदार्थ मंगाए गए। 2 साल के प्रयासों के बाद अप्रैल 2022 में एंब्रियो को विदेशी नस्ल की गाय होल्सटीन फ्रीजियन में भ्रूण प्रत्यारोपित किया गया। प्रत्यारोपित 22 भ्रूण में से सिर्फ पांच गायों ने ही कंसीव किया। पहला प्रत्यारोपित एंब्रियो से बछड़ा पैदा हुआ। क्योंकि यह प्रयोग पहली बार हुआ। अब लैब में केवल बछिया के एंब्रियो तैयार किए जाएंगे।

उन्नत नस्ल की गाय की प्रतियोगिताएं

उन्नत नस्ल की गाय की प्रतियोगिताएं

पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना में प्रदेश की मूल गौ वंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों के लिए पुरस्कार योजना लागू की जा रही है। देश प्रदेश की देसी नस्लों के गौपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना में 1 से 15 फरवरी तक प्रदेश और भारतीय उन्नत नस्ल की गाय की प्रतियोगिताएं होंगी।

उन्नत नस्ल की दुधारू गायों की प्रतियोगिता

उन्नत नस्ल की दुधारू गायों की प्रतियोगिता

ये प्रतियोगिता 156 भारतीय नस्ल की गायों के लिए होंगी। इसके अलावा 6 राज्य स्तरीय पुरस्कार भी दिए जाएंगे पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की मूल गोवंश है और भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों की प्रतियोगिता जिलों में अलग-अलग कराई जाएंगी। मध्यप्रदेश की मूल गोवंश की नस्ले प्रतियोगिता 15 जिलों से आगर, मालवा, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, धार, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर और निमाड़ी में आयोजित की जाएगी। भारतीय उन्नत नस्ल गाय की प्रतियोगिता सभी 52 जिलों में होगी। अधिक दूध देने वाली गाड़ियों के पशुपालकों को पुरस्कार दिया जाएगा प्रदेश की मूल गोवंश की नस्लें मालवी, निमाड़ी और केनकथा नस्ल गाय का प्रतिदिन दूध उत्पादन 4 लीटर या अधिक और भारतीय गाय का 6 लीटर या उससे अधिक होना चाहिए।

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