MP Board Result: 23 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म, चेक करें रिजल्ट—जानिए पास प्रतिशत और पूरी रिपोर्ट
MP Board Result News: मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। Rajya Shiksha Kendra ने वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने वल्लभ भवन से बटन दबाकर परिणाम घोषित किया। इस साल करीब 23.68 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे।
पास प्रतिशत में शानदार प्रदर्शन
इस बार परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। कक्षा 5वीं में कुल 95.14% छात्र पास हुए, जबकि कक्षा 8वीं में 93.83% विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। खास बात यह रही कि दोनों कक्षाओं में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19% और छात्रों का 94.15% रहा, वहीं 8वीं में छात्राओं का 94.98% और छात्रों का 92.74% रिजल्ट दर्ज किया गया।

छात्राओं का दबदबा, शिक्षा विभाग खुश
इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी क्षमता साबित की है। शिक्षा विभाग ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि लड़कियों की शिक्षा पर फोकस का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और मजबूत होगा।
QR कोड से तुरंत देखें रिजल्ट
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आसान बनाया गया है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक पोर्टल पर रोल नंबर या समग्र आईडी से देख सकते हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन कर सीधे रिजल्ट पेज पर पहुंचा जा सकता है। स्कूल प्राचार्य भी पोर्टल के जरिए अपने पूरे स्कूल का विद्यार्थीवार परिणाम देख सकेंगे।
रिजल्ट देखने की आसान व्यवस्था
इस बार परिणाम देखने की प्रक्रिया को बेहद आधुनिक और सरल बनाया गया है। छात्र, अभिभावक और स्कूल प्राचार्य तीन तरीकों से रिजल्ट देख सकते हैं:
- राज्य शिक्षा केंद्र का आधिकारिक पोर्टल।
- विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके सीधा रिजल्ट।
- स्कूल प्राचार्य अपने संस्थान का पूरा विद्यार्थीवार प्रदर्शन पोर्टल पर देख सकेंगे।
विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे QR कोड स्कैन करके जल्दी और आसानी से रिजल्ट देखें।
पहली बार बोर्ड पैटर्न पर हुई परीक्षा
इस वर्ष कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं पहली बार बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की गई थीं। फरवरी में हुई इन परीक्षाओं में सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के छात्रों ने हिस्सा लिया। यह बदलाव छात्रों को प्रतिस्पर्धी बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से किया गया था।
322 केंद्रों पर हुआ मूल्यांकन
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरे प्रदेश में 322 केंद्रों पर किया गया, जहां 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की। इसके बाद अंकों की ऑनलाइन एंट्री कर रिजल्ट तैयार किया गया। विभाग ने दावा किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रही।
मंत्री का बयान-गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में कदम
स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने कहा कि बोर्ड पैटर्न लागू करने का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। उन्होंने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन को प्रदेश के लिए शुभ संकेत बताया।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी संदेश
जिन छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें बधाई दी गई है। वहीं जिनका रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आया, उन्हें निराश न होने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।
आगे क्या? शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव
रिजल्ट जारी होने के साथ ही प्रदेश में बोर्ड पैटर्न आधारित शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग अब भविष्य में अन्य कक्षाओं में भी इसी पैटर्न को लागू करने की तैयारी कर रहा है।












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