क्या मध्य प्रदेश भाजपा में होंगे बड़े बदलाव? शिवप्रकाश की बैठक में निगम-मंडलों की नियुक्तियों का फैसला तय!
MP BJP: क्या मध्य प्रदेश भाजपा में बड़े संगठनात्मक और राजनीतिक बदलाव होने वाले हैं? यह सवाल इन दिनों सत्ता और संगठन के गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी वजह है निगम-मंडलों की बहुप्रतीक्षित नियुक्तियों को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ता दबाव और अब इस प्रक्रिया को एक साथ पूरा करने की तैयारी।
सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश मध्य प्रदेश पहुंचकर प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठक करेंगे। इसी बैठक में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

किस्तों में नहीं, अब एक साथ होंगी नियुक्तियां
मध्य प्रदेश भाजपा संगठन और सरकार के लिए निगम-मंडलों की राजनीतिक नियुक्तियां लंबे समय से टेढ़ी खीर बनी हुई हैं। पहले पार्टी की योजना थी कि इन नियुक्तियों को चरणबद्ध तरीके से किया जाए। शुरुआती रणनीति के तहत प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों और क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों-जैसे विंध्य विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण और महाकोशल विकास प्राधिकरण-में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्तियां पहली किस्त में करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी। सूची भी लगभग अंतिम रूप ले चुकी थी।
लेकिन इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व से मिले नए निर्देशों के बाद पार्टी ने अपना स्टैंड बदला। अब तय किया गया है कि सभी दर्जा प्राप्त मंत्रियों की सूची एक साथ जारी की जाएगी, ताकि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बना रहे और असंतोष की गुंजाइश कम हो।
केंद्रीय नेतृत्व की व्यस्तता बनी बड़ी वजह
सूत्र बताते हैं कि सूची तैयार होने के बावजूद इसे जारी नहीं किया जा सका। इसकी एक बड़ी वजह मुंबई और महाराष्ट्र में नगर सरकारों के चुनाव बताए जा रहे हैं, जिनके चलते केंद्रीय नेतृत्व का समय नहीं मिल पाया। इसी कारण मध्य प्रदेश की निगम-मंडल नियुक्तियों का मामला बार-बार टलता रहा। अब संभावना है कि अगले सप्ताह प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक में इस पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
2023 के चुनाव के बाद से बढ़ता दबाव
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से ही निगम-मंडलों की राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भाजपा संगठन पर लगातार दबाव बना हुआ है। चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें संगठन या सरकार में समायोजन मिलेगा। पहले योजना थी कि लोकसभा चुनाव के बाद यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, लेकिन इसके बाद संगठनात्मक चुनाव, प्रदेश अध्यक्ष के चयन में देरी और अन्य राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
बिहार चुनाव के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी कि अब नियुक्तियों का रास्ता साफ होगा, लेकिन तब भी कोई ठोस फैसला सामने नहीं आ सका। अब एक बार फिर संकेत मिल रहे हैं कि यह लंबा इंतजार खत्म होने वाला है।
शिवप्रकाश की बैठक से बढ़ी हलचल
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के दावोस दौरे से लौटने के बाद अगले सप्ताह राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के साथ प्रदेश भाजपा नेतृत्व की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसी बैठक में निगम-मंडलों की राजनीतिक नियुक्तियों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस सूची में करीब 35 नेताओं को जगह मिल सकती है।
पूर्व विधायकों को भी मिल सकता है मौका
बताया जा रहा है कि संभावित सूची में कुछ पूर्व विधायकों को भी शामिल किया जा सकता है, ताकि चुनावी समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को साधा जा सके। संगठन यह भी देख रहा है कि जिन नेताओं को चुनाव या संगठन में तत्काल भूमिका नहीं मिल सकी, उन्हें निगम-मंडलों के जरिए जिम्मेदारी दी जाए।
बजट सत्र से पहले हो सकता है ऐलान
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले निगम-मंडलों की नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इससे सरकार और संगठन दोनों को सत्र से पहले राहत मिल सकती है और लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति भी खत्म होगी।
कुल मिलाकर, अगले सप्ताह होने वाली यह बैठक मध्य प्रदेश भाजपा के लिए काफी अहम मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें इसी पर टिकी हैं कि क्या वाकई पार्टी में बड़े बदलावों का दौर शुरू होगा और निगम-मंडलों की नियुक्तियों का इंतजार खत्म हो पाएगा या नहीं।












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