Bhopal में मोबाइल फोन बना पति-पत्नी के बीच विवाद का कारण, सिर्फ हस्बैंड से बात करने की शर्त पर कोर्ट में सुलह
भोपाल में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कई रोचक मामले सुनने को मिले, लेकिन इन सबके बीच भोपाल के बैरागढ़ चीचली की दंपत्ति का मामला बेहद ही रोचक था। जिसमें पति ने पत्नी को फोन रखने से मना किया, तो दोनों एक-दूसरे से अगल रहने ल
भोपाल में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। जिसमें 63 खंडपीठों में 10 हजार 231मामलों का निराकरण किया गया। वैसे तो कोर्ट में कई रोचक मामले सुनने को मिले, लेकिन इन सबके बीच भोपाल के बैरागढ़ चीचली की दंपत्ति का मामला बेहद ही रोचक था। जिसमें पति ने पत्नी को फोन रखने से मना किया, तो दोनों एक-दूसरे से अगल रहने लगे और पत्नी ने अदालत में पति खिलाफ केस दर्ज करा दिया।

नेशनल लोक अदालत ने शनिवार को इस मामले पर सुनवाई हुई। फैमिली कोर्ट जज एसके जोशी ने दंपत्ति की दलीलें सुनी पति ने कहा कि पत्नी फोन पर बात करती थी, इसलिए उसे अलग रहने का फैसला किया था। वही महिला ने कहा कि वह सिर्फ की-पेड वाला फोन रखती थी। इसके बावजूद उसका पति उससे झगड़ा करता था और फोन रखने की इजाजत नहीं देता था। इस पर जज ने पति को समझाए कि फोन आज के समय में बहुत जरूरी है। तुम नौकरी करते कल को तुम्हे कुछ हो जाए तो पत्नी को सूचना कैसे मिलेगी। इस पर पति पत्नी को फोन देने के लिए राजी हो गया। लेकिन उसने शर्त रखी कि पत्नी सिर्फ मोबाइल में उससे ही बात करेगी। इस पर पत्नी ने भी सहमति जता दी।
पत्नी ने पति से वादा किया कि मैं मायके वालों से अपने फोन से कभी बात नहीं करेगी। जब कभी भी उसे अपने मायके वालों से बात करना होगा तो पति के मोबाइल से बात करेगी। इस पर दोनों साथ रहने को राजी हो गए। कोर्ट ने दोनों का सम्मान किया जानकारी के अनुसार 27 जुलाई को कोर्ट में संपत्ति का मामला पहुंचा था। दो पेशियों के बाद शनिवार को नेशनल अदालत में दोनों के बीच मोबाइल फोन रखने को लेकर विवाद खत्म हो गया और सुलह हो गई। दंपत्ति की 15 महीने की बेटी भी है। कोर्ट में बच्ची माता-पिता के पास ही थी। पति कपड़ों की दुकान में काम करता है। जबकि पत्नी हाउसवाइफ है। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गिरीबाला सिंह ने किया। इसके अलावा न्यायालय के प्रवेश द्वार पर केंद्रीय जेल भोपाल में बंधुओं द्वारा तैयार की गई सामग्रियों का स्टॉल लगाया गया था।
मृतक के परिवार को ₹82 लाख की क्षतिपूर्ति देने का फैसला
बता दे बिलखिरिया थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में लोक अदालत में न्यायधीश अतुल सक्सेना ने मृतक के परिवार को ₹82 लाख की क्षतिपूर्ति देने का फैसला सुनाया। मृतक की पत्नी ने कोर्ट को बताया था कि पति अकेला घर में कमाने वाला था। सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई और उनकी दो बच्चियां हैं, वे कैसे उनका भरण पोषण करेगी। जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ₹82 लाख की क्षतिपूर्ति देने को कहा है।












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