नई दिल्ली में सीएम मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात: MP के विकास और बाढ़ नियंत्रण पर हुई चर्चा!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान 7 अगस्त 2025 को देर शाम राजधानी पहुंचे और कई केंद्रीय मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू किया। इस दौरान उनकी सबसे अहम मुलाकात केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुई।
यह मुलाकात केंद्रीय मंत्री के नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई, जहां दोनों नेताओं ने मध्य प्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं, और हाल ही में राज्य में आई बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात इसलिए भी खास रही, क्योंकि भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।

मुलाकात का उद्देश्य: विकास और बाढ़ नियंत्रण पर चर्चा
7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात में डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा की।
गौरतलब है कि सिंधिया और मोहन यादव के बीच एक सप्ताह के भीतर दूसरी बैठक है। इससे पहले, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सिंधिया के साथ गुना संसदीय क्षेत्र के शिवपुरी गुना जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जहां दोनों नेताओं ने स्थानीय निवासियों से मुलाक़ात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं और त्वरित सहायता का आश्वासन दिया था।
बैठक के दौरान सिंधिया ने मुख्यमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में हाल ही में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न हालात की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में आई बाधाएं, और प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को विस्तार से साझा किया।
सिंधिया ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि प्रभावित जिलों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। किसानों को समुचित मुआवज़ा और बीमा लाभ शीघ्रता से प्रदान किया जाए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। स्थायी समाधान हेतु जल प्रबंधन और आपदा तैयारी के दीर्घकालिक उपायों पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आश्वस्त किया कि प्रभावित क्षेत्रों में सरकार हरसंभव मदद और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सिंधिया द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि सिंधिया और मोहन यादव के बीच एक सप्ताह के भीतर दूसरी बैठक है। इससे पहले, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंधिया के साथ गुना संसदीय क्षेत्र के शिवपुरी गुना जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जहां दोनों नेताओं ने स्थानीय निवासियों से मुलाक़ात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं और त्वरित सहायता का आश्वासन दिया था।बैठक के दौरान सिंधिया ने मुख्यमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में हाल ही में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न हालात की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में आई बाधाएं, और प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को विस्तार से साझा किया।
सिंधिया ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि प्रभावित जिलों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। किसानों को समुचित मुआवज़ा और बीमा लाभ शीघ्रता से प्रदान किया जाए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। स्थायी समाधान हेतु जल प्रबंधन और आपदा तैयारी के दीर्घकालिक उपायों पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आश्वस्त किया कि प्रभावित क्षेत्रों में सरकार हरसंभव मदद और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सिंधिया द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
मुख्य चर्चा के बिंदु इस प्रकार थे:
बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्य: हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी, और अन्य जिलों में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। सिंध नदी के उफान के कारण पचावली सहित 32 गांव बाढ़ की चपेट में आए थे। दोनों नेताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की प्रगति और भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर चर्चा की।
4 अगस्त 2025 को दोनों नेताओं ने गुना और शिवपुरी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था और प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरित की थी। इस मुलाकात में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, "हम सुख-दुख के हर क्षण प्रभावितों के साथ हैं। संकट की घड़ी में हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी।"
जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: दोनों नेताओं ने मध्य प्रदेश में चल रही लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श किया। खास तौर पर, 7 अगस्त 2025 को 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1859 करोड़ रुपये और 28 लाख महिलाओं को 43.90 करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी ट्रांसफर की गई थी, जिसके लिए केंद्र-राज्य समन्वय जरूरी है।
विकास परियोजनाएं और निवेश: सीएम यादव ने मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, और निवेश अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने "विरासत से विकास की राह" पुस्तिका का हवाला देते हुए बताया कि कैसे मध्य प्रदेश पर्यटन, संस्कृति, और अधोसंरचना के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
डिजिटल और ग्रामीण विकास: दोनों नेताओं ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। केंद्रीय संचार मंत्री के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दिशा में केंद्र सरकार के समर्थन का आश्वासन दिया।
दिल्ली प्रवास: अन्य नेताओं से मुलाकात
डॉ. मोहन यादव ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं से भी मुलाकात की, जो मध्य प्रदेश के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण थीं।












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