MP News: इंदौर जा रही यात्री बस जलकर खाक, पुलिसकर्मी और ड्राइवर की सूझबूझ से बची 40 यात्रियों की जान
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शनिवार रात एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ, जब शिवपुरी के पिछोर से इंदौर जा रही कमला ट्रैवल्स की यात्री बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बस लपटों में घिर गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। यह घटना ईसागढ़ रोड पर बमनावर गांव के पास रात करीब 8 बजे की है। बस में करीब 40 यात्री सवार थे, लेकिन एक पुलिसकर्मी और ड्राइवर की सूझबूझ ने सभी की जान बचा ली।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी का पानी खत्म होने से आग बुझाने में देरी हुई, जिसके बाद दूसरी गाड़ी बुलानी पड़ी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा और बसों की तकनीकी स्थिति पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों को भी कटघरे में खड़ा करता है।

आग का तांडव: बमनावर के पास बस में लपटें, अफरा-तफरी में बची जान
शनिवार रात करीब 8 बजे, अशोकनगर जिले के ईसागढ़ रोड पर बमनावर गांव के पास कमला ट्रैवल्स की बस (MP-08-XXXX) शिवपुरी के पिछोर से इंदौर की ओर जा रही थी। बस में करीब 40 यात्री सवार थे, और लगभग सभी सीटें भरी थीं। अचानक बस के अगले हिस्से (अल्टीनेटर के पास) से धुआं उठा, और कुछ ही सेकंड में लपटें भड़क उठीं। बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच लोग बाहर निकलने को बेताब थे, लेकिन मुख्य गेट पर भीड़ की वजह से निकास मुश्किल हो गया।
बस में सवार कदवाया थाने के हेड कॉन्स्टेबल अरविंद सिंह रघुवंशी ने बताया, "मैं डाक लेकर अशोकनगर जा रहा था। बमनावर के पास बस के अगले हिस्से से धुआं दिखा, और फिर लपटें तेजी से बढ़ीं। मैंने और ड्राइवर ने तुरंत यात्रियों को शांत किया और खिड़कियों का कांच तोड़कर बाहर निकाला।" ड्राइवर (जिसका नाम गोविंद बताया जा रहा है) और रघुवंशी ने मिलकर यात्रियों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। पास के बमनावर गांव के लोग भी मदद के लिए दौड़े, और कुछ ने पानी की बाल्टियां लाकर आग पर डालने की कोशिश की। सौभाग्य से, सभी यात्री सुरक्षित निकल गए, और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
फायर ब्रिगेड की लचर व्यवस्था: पानी खत्म, दूसरी गाड़ी बुलाने की नौबत
आग की सूचना मिलते ही ईसागढ़ और अशोकनगर पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल की एक गाड़ी तुरंत रवाना हुई, लेकिन आग की भयावहता के सामने उसका पानी अपर्याप्त साबित हुआ। अशोकनगर फायर स्टेशन के इंचार्ज रमेश यादव ने बताया, "पहली गाड़ी में 5,000 लीटर पानी था, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि पानी खत्म हो गया। हमें दूसरी गाड़ी बुलानी पड़ी।" दूसरी फायर ब्रिगेड के आने तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की देरी और संसाधनों की कमी पर सवाल उठाए। एक ग्रामीण ने कहा, "अगर समय पर पानी होता, तो बस को कुछ हद तक बचाया जा सकता था।"
शॉर्ट सर्किट पर आशंका: 'अल्टीनेटर में चिंगारी, फिर लपटें'
बस स्टाफ और ड्राइवर ने बताया कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हेड कॉन्स्टेबल रघुवंशी ने कहा, "बस का अल्टीनेटर हिस्सा सबसे पहले जला। धुआं निकलते ही लपटें फैलीं।" पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट को कारण माना जा रहा है। कमला ट्रैवल्स के मालिक रमेश पटेल ने दावा किया, "बस की मेंटेनेंस हाल ही में हुई थी, लेकिन तकनीकी जांच होगी। सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए, और हम उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।"
हालांकि, स्थानीय लोगों ने बस की पुरानी स्थिति पर सवाल उठाए। एक यात्री, राकेश मालवीय, ने बताया, "बस काफी पुरानी थी। सीटें टूटी थीं, और वायरिंग खुली दिखती थी।" परिवहन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं, और बस के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच होगी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: FIR दर्ज, RTO की जांच शुरू
अशोकनगर पुलिस ने अज्ञात कारणों से आग लगने के मामले में FIR दर्ज की। SP सुनील शिवहरे ने कहा, "हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा थी, जो सुनिश्चित हुई। अब तकनीकी जांच से आग का कारण पता चलेगा।" क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को बस की फिटनेस और लाइसेंस की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने कहा, "यात्रियों को वैकल्पिक बसों से गंतव्य तक पहुंचाया गया। फायर ब्रिगेड की कमी की जांच होगी।"
यात्रियों का अनुभव: 'खिड़कियां तोड़कर बची जान, सामान जल गया'
यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेज हुआ कि सामान निकालने का मौका नहीं मिला। एक यात्री, शीतल जैन, ने कहा, "मेरा बैग और जरूरी दस्तावेज जल गए। पुलिसकर्मी और ड्राइवर न होते तो शायद हम न बच पाते।" कई यात्रियों ने कमला ट्रैवल्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। कुछ ने मुआवजे की मांग की, जिस पर कंपनी ने कहा, "बीमा कवरेज के तहत नुकसान की भरपाई होगी।"
सवाल और चिंताएं: पुरानी बसें, कमजोर फायर ब्रिगेड-कब तक खतरे में जान?
यह हादसा MP में सड़क परिवहन की खामियों को उजागर करता है। 2024 में MP में बस हादसों में 120+ मौतें हुईं, और पुरानी बसों की खराब मेंटेनेंस बड़ा कारण रहा। फायर ब्रिगेड की कमी भी चिंता का विषय है-अशोकनगर में केवल 2 दमकल गाड़ियां हैं, जिनमें से एक की क्षमता सीमित। स्थानीय लोग और विपक्ष ने सवाल उठाए: "क्या सरकार बसों की फिटनेस और आपातकालीन सेवाओं को गंभीरता से लेगी?"












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