IPO से पहले Zepto की बढ़ी मुश्किलें! ED ने फाउंडर्स को भेजा समन, किस मामले में लिया एक्शन?
क्विक कॉमर्स की दुनिया में तहलका मचाने वाले स्टार्टअप Zepto के बड़े दिन आने वाले थे, लेकिन इससे ठीक पहले कंपनी एक बड़े विवाद में फंसती नजर आ रही है। जुलाई में आने वाले अपने ₹9,500 करोड़ ($1 बिलियन) के महा-IPO से पहले कंपनी ने खुद सेबी (SEBI) के सामने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने पूरे स्टार्टअप और शेयर बाजार जगत में हड़कंप मचा दिया है।
दरअसल, कंपनी के दोनों युवा फाउंडर्स आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी कर तलब किया था, जिसका जिक्र कंपनी ने अपने नए ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) में किया है। आइए जानतें हैं Zepto के इस नए संकट के पीछे की पूरी कहानी क्या है?

क्यों और किस मामले में ED ने भेजा समन?
Zepto द्वारा सोमवार को दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, यह पूरा मामला विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फेमा (FEMA) के नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। ED ने अप्रैल 2026 में दोनों फाउंडर्स को समन भेजकर विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, विदेशी लोन और गारंटियों से जुड़े अहम दस्तावेज मांगे थे। इसके अलावा उनसे वित्तीय वर्ष 2020-21 की ऑडिटेड बैलेंस शीट, इनकम टैक्स रिटर्न और बैंक खातों की बारीकी से जानकारी भी मांगी गई थी।
ED के दफ्तर पहुंचे दोनों फाउंडर्स
समन मिलने के बाद कंपनी के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा 17 और 22 अप्रैल को ED के सामने पेश हुए थे। वहीं, मुख्य चेहरा आदित पालिचा भी 20 अप्रैल और 15 मई को जांच एजेंसी के सामने हाजिर हुए। कंपनी का कहना है कि उन्होंने ED द्वारा मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज, होल्डिंग स्ट्रक्चर की जानकारी और बिजनेस एग्रीमेंट्स सौंप दिए हैं। फिलहाल कंपनी को आगे कोई नया नोटिस नहीं मिला है, लेकिन भविष्य में कानूनी कार्रवाई या पेनल्टी की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
कैसा होगा Zepto का ₹9,500 करोड़ का IPO?
दस्तावेजों के अनुसार, Zepto का यह बहुप्रतीक्षित IPO कुल ₹9,500 करोड़ का होगा। इसमें ₹8,010 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा करीब 11.35 करोड़ शेयरों की बिक्री (OFS) की जाएगी। दिसंबर 2025 में गुपचुप तरीके से पेपर फाइल करने के बाद कंपनी को मई 2026 में सेबी से मंजूरी मिली थी और कंपनी जुलाई में दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने की तैयारी में है। लिस्टिंग के बाद यह Blinkit (Eternal) और Swiggy Instamart के बाद बाजार में उतरने वाला तीसरा बड़ा क्विक कॉमर्स प्लेयर होगा।
Zepto का रिपोर्ट कार्ड
मुश्किलों के बीच राहत की बात यह है कि वित्तीय मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में Zepto का रेवेन्यू सालाना आधार पर 75% बढ़कर ₹7,498 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी ने अपना शुद्ध घाटा भी कम करके ₹1,539 करोड़ कर लिया है, जो पिछले साल ₹1,832 करोड़ था।
हर दिन 20 लाख से ज्यादा ऑर्डर
Zepto की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस तिमाही में कंपनी ने 21 करोड़ (210 मिलियन) ऑर्डर्स प्रोसेस किए, जो हर दिन के हिसाब से 20 लाख से ज्यादा बैठते हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,139 हो चुकी है और हर स्टोर से रोजाना औसतन 2,140 ऑर्डर डिलीवर हो रहे हैं।













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