kubereshwar dham: दूसरे दिन भी चमत्कारी रुद्राक्ष को पाने के लिए लाइन में लगे लोग, इंदौर-भोपाल हाईवे पर जाम
सीहोर में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने प्रशासन की समझाइश पर अभी रुद्राक्ष बांटना बंद कर दिया है। आयोजन 22 तारीख तक चलेगा। मगर रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। बता दे कल आयोजन के दौरान कल दो महिला की मौत हो गई थी।

kubereshwar dham: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में चमत्कारी रुद्राक्ष पाने के लिए दूसरे दिन यानी शुक्रवार को भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु लाइन में लगे हुए हैं। हालांकि अब जानकारी आ रही है कि कुबेरेश्वर धाम के कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने प्रशासन की समझाइश पर रुद्राक्ष बांटना बंद किया है। आयोजन 22 तारीख तक चलेगा। मगर रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। बता दे कल आयोजन के दौरान कल दो महिला की मौत हो गई थी। आयोजन के पहले दिन भारी अव्यवस्थाओं का आलम रहा यहां आए कई लोगों की आंख से आंसू छलक गए पूर्व घोषित कार्यक्रम के बावजूद जिला प्रशासन की व्यवस्था में घुटने टेकती नजर आई।

5 लाख बांटे जा चुके हैं रुद्राक्ष
कुबेरेश्वर धाम में जानकारी के अनुसार अब तक 20 लाख श्रद्धालु रुद्राक्ष लेने के लिए सीहोर पहुंचे हैं। बीते 2 दिनों में लगभग 5 लाख रुद्राक्ष बांटे जा चुके हैं। गुरुवार को भोपाल-इंदौर रोड पर भारी जाम लगा था लेकिन रात से सुबह तक पुलिस ने पूरा जाम खुलवा दिया है। अभी ट्राफिक तो शुरू है लेकिन वाहन रेंगते हुए निकल रहे हैं।

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- मौत आनी है तो आएगी
कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण महोत्सव के बीच पंडित प्रदीप मिश्रा लोगों को शिव महापुराण की कथा भी सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग मुझसे डरते हैं कहते हैं कि हम केदारनाथ नहीं जाएंगे मां बहुत ठंडे कुछ हो गया तो क्या होगा लेकिन अगर मौत आनी है तो आएगी ही। भले आप घर में ही क्यों ना हूं। आप घर में होंगे पैर पोछने के लिए पायदान पर पैर रखोगे और अगर मौत आनी ही होगी तो तुरंत पायदान फिसल जाएगा। आप 7 तालों में ही क्यों ना बंद हो, मौत को आना है, तो वह आएगी। मिश्रा ने कहा कि जो लोग यहां रुद्राक्ष के लालच में आ रहे हैं, तो वे ना आए। टिकट कैंसिल करा लो। यहां आना है, तो महादेव के लिए आओ। उनसे क्या मिलेगा, उसके लालच में न आओ। रुद्राक्ष के लिए आने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल
पिछली बार हुई अव्यवस्थाओं से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। इस साल भी हाइवे पर जाम के हालात बने हुए है। हाईवे पर वाहनों की कतारें लगी रही। लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। जाम से हो रही परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस मार्ग से आ रही कई एंबुलेंस में फंस गई। पूरे मामले पर सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि शिव पुराण कथा के नाम पर अनुमति ली गई थी। समिति ने 5 से 6 लाख लोगों के आने का अनुमान बताया था फिर भी हमने 10 लाख लोगों के आने-जाने के लिए इंतजाम किया। सुबह से भीड़ बढ़ती गई और दोपहर 12:00 बजे तक करीब 20 लाख लोग पहुंच गए। यह अनुमान से दोगुना है। इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो गया।

मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने से बिछड़े लोग
कुबेरेश्वर धाम में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण भगदड़ जैसे हालात पहले ही दिन यानी गुरूवार को बन गए थे। वही मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने से लोग एक दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के रुद्राक्ष लेने के कारण यह हालात बने हैं।

रुद्राक्ष के लिए क्यों लगी लोगों की भीड़
सीहोर वाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने कथाओं में रुद्राक्ष की महिमा का बखान करते हुए बताया कि रुद्राक्ष पानी में डालना है और उस पानी को पीना है। इससे हर समस्या दूर हो जाती है। नक्षत्र खराब हो तो, वह भी ठीक हो जाता है। बीमारी समेत हर संकट दूर हो जाते हैं। इसी के चलते इतनी बड़ी तादाद में लोग रुद्राक्ष पाने के लिए मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे है।












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