जाने क्या है "माँ तुझे प्रणाम" योजना, शिवराज सरकार ने दोबारा की शुरू
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मां तुझे प्रणाम योजना का पुनः शुभारंभ किया। योजना के अंतर्गत 196 लाडली लक्ष्मी बालिकाएं बाघा बॉर्डर जाएंगी।
भोपाल 28 अप्रैल। मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने में महिला वोटरों की अहम भूमिका होती है। इसलिए सरकार महिलाओं को के प्रति ज्यादा संवेदनशील नजर आती है। इसलिए चाहे वह कन्या विवाह योजना या लाडली लक्ष्मी योजना दोनों ही योजनाएं महिला वर्ग को आकर्षित करती हैं। इसी के क्रम में आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की पहल पर प्रदेश में "माँ तुझे प्रणाम" योजना को पुन: शुरू किया गया है। आगामी 2 मई को योजना में 196 लाड़ली लक्ष्मी बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाघा-हुसैनीवाला (पंजाब) का भ्रमण कराया जाएगा। वर्ष 2013 से प्रदेश में शुरू हुई इस योजना में पहली बार प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी बालिकाएं वाघा बार्डर जा रही हैं, जो 2 मई को अपरान्ह 3:30 बजे अमृतसर दादर एक्सप्रेस से रवाना होंगी।

डिपार्टमेंट ऑफ स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर मध्य प्रदेश (Department of Sports & Youth Welfare, Madhya Prades) की 'मां तुझे प्रणाम' योजना में भोपाल संभाग से 20 लाड़ली लक्ष्मियां, इंदौर संभाग से 31, ग्वालियर संभाग से 15, उज्जैन संभाग से 26, नर्मदापुरम संभाग से 11, शहडोल संभाग से 15, रीवा संभाग से 12, चम्बल संभाग से 9, सागर संभाग से 26, जबलपुर संभाग से 31 बालिकाओं को वाघा-हुसैनीवाला (पंजाब) के भ्रमण पर जायेगी।
योजना में अब तक लगभग 12 हजार 672 युवाओं को लेह-लद्दाख, कारगिल-द्रास, आर.एस.पुरा, वाघा-हुसैनीवाला, तानोत माता का मंदिर, लोगेंवाल, कोच्चि, बीकानेर, बाड़मेर, नाथूराम-दर्रा, पेट्रापोल, तुरा, जयगाँव, अडंमान निकोबार एवं कन्या कुमारी की अनुभव यात्रा कराई गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की इस योजना की चयनित बालिकाओं को गृह निवास यात्रा का किराया, दैनिक भत्ता, आवास, भोजन, स्थानीय यातायात व्यवस्था, रेल आरक्षण व्यवस्था, ट्रेक सूट, टी-शर्ट और किट बैग उपलब्ध कराए जाते हैं।












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