Bhopal: MP विधानसभा चुनाव में करणी सेना ने 100 सीटों की मांग की, जो ज्यादा टिकेट देगा उस पार्टी का देंगे साथ
Bhopal Karni Sena: मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है लेकिन उससे पहले सामाजिक संगठनों ने टिकटों को लेकर राष्ट्रीय पार्टियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। राजधानी में आज करणी सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधानसभा चुनाव में क्षत्रिय समाज के लिए 100 सीटों की मांग की है। इसे लेकर अगस्त में भोपाल में महापड़ाव भी होगा। सीटें नहीं देने की स्थिति में करणी सेना ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी भी दी है।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षत्रियों की सत्ता में भागीदारी, क्षत्रिय कल्याण बोर्ड, लव-जिहाद, लैंड जिहाद के विरुद्ध कानून, गौ हत्या मुक्त मध्यप्रदेश और सनातन बोर्ड के गठन जैसी मांगों को लेकर क्षत्रिय करणी सेना परिवार का भोपाल में महापड़ाव होने जा रहा है। इसमें देशभर से लाखों क्षत्रिय आएंगे, जो अपनी 12 सूत्री मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे।

डॉ शेखावत ने बताया कि उनके इस प्रदर्शन में कई राष्ट्रीय स्तर के संत भी शामिल होने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 100 ऐसी है या क्षत्रियों की संख्या अधिक है। यहां क्षत्रिय समाज का सीधा दखल है, इसलिए इनमें समाज के व्यक्ति को ही टिकट दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 80 से 100 सीटों की मांग की है। जो पार्टी हमें ज्यादा से ज्यादा सीटे देगी। हम उसका साथ देंगे।
वादे करने के बाद पार्टियां भूल जाती हैं
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा क्षत्रियों और हिंदू हितों की अनदेखी कर रही है। चुनाव में केवल बड़ी-बड़ी बातें की जाती है लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टियां किए हुए वादे भूल जाती हैं। लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा। करणी सेना अब यह सब बर्दाश्त नहीं करेगी। इसे लेकर ही भोपाल में महापड़ाव किया जा रहा है। इसमें सभी क्षत्रिय समाज के संगठनों की भागीदारी रहेगी।
निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को नहीं मानती तो महापड़ाव के दौरान ही करणी सेना प्रदेश भर में विधानसभा चुनाव के दौरान अपने उम्मीदवारों को उतारने की रणनीति तैयार करेगी। इस महापड़ाव में बड़ी संख्या में देशभर के साधु-संतों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, महापड़ाव में हिंदू हित और क्षत्रियों को लेकर विशेष मुद्दे उठाए जाएंगे। साथ ही सरकार से चर्चा की जाएगी।












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