जीतू पटवारी का दावा: MP की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं, जानिए पूरा सच, NFHS रिपोर्ट का खुलासा
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के चीफ जीतू पटवारी का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि "मध्य प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं"। यह बयान उन्होंने राज्य की BJP सरकार पर नशा, बेरोजगारी और कुपोषण जैसे मुद्दों पर हमला बोलते हुए दिया।
पटवारी ने कहा कि BJP ने समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाया, लेकिन हकीकत में महिलाओं को नशे की लत लग गई है। इस बयान ने सियासी हलकों में तूफान मचा दिया है-कुछ लोग इसे BJP सरकार की नाकामी का प्रमाण बता रहे हैं, तो कुछ इसे सियासी बयानबाजी करार दे रहे हैं। लेकिन क्या वाकई MP की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं? हमने NFHS-5 और अन्य रिपोर्ट्स की पड़ताल की, और जो सच निकला, वह चौंकाने वाला है। आइए, इस बयान की हकीकत पर गहराई से नजर डालते हैं।

जीतू पटवारी का बयान: सरकार पर नशे का आरोप
जीतू पटवारी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश को तमंगा मिला है कि प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली BJP ने यह हालत कर दिए हैं, जितना ड्रग का कारोबार यहां होता है उतना दूसरी किसी राज्य में नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह प्रयास नहीं किए कि इससे निजात कैसे दिलाएं। हमारी बहनें, बेटियां नशा करने लगी हैं, लाडली बहना के नाम पर वोट तो ले लिए और मध्य प्रदेश में बहना ही सबसे ज्यादा नशा करती हैं। इस पर विचार करना चाहिए।"
NFHS-5 रिपोर्ट का खुलासा: MP की महिलाएं शराब से दूर
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21) भारत में अल्कोहल कंजम्प्शन के सबसे विश्वसनीय आंकड़े प्रदान करता है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिलाओं में अल्कोहल कंजम्प्शन का राष्ट्रीय औसत मात्र 0.7% है। लेकिन राज्यवार आंकड़े देखें, तो MP की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली नहीं हैं-बल्कि सबसे कम पीने वाली राज्यों में शुमार हैं।
राष्ट्रीय सर्वे की रिपोर्ट
भारत सरकार की "Substance Use in India - Magnitude of Substance Use" (AIIMS और सोशल जस्टिस मंत्रालय की रिपोर्ट, 2019) के अनुसार,
- देशभर में करीब 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं।
- शराब पीने वालों में महिलाओं की संख्या बेहद कम है - महज 1.6%।
- राज्यों की लिस्ट में मध्य प्रदेश शीर्ष पर नहीं है।
सर्वे के मुताबिक, पूर्वोत्तर के राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम और असम - में महिलाओं के शराब पीने का प्रतिशत सबसे ज्यादा है।
एनएफएचएस-5 (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे, 2019-21)
मध्य प्रदेश में 15-49 आयु वर्ग की केवल 0.2% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।
तुलना करें तो:
- अरुणाचल प्रदेश - 24% महिलाएं
- सिक्किम - 16% महिलाएं
- छत्तीसगढ़ - 7% महिलाएं
- यानी, मध्य प्रदेश शराब पीने वाली महिलाओं के मामले में देश में सबसे नीचे की श्रेणी में आता है।
सरकारी आंकड़े
राज्य सरकार की एक्साइज विभाग की रिपोर्ट कहती है कि एमपी में कुल शराब उपभोक्ताओं में महिलाओं की भागीदारी बेहद कम है, जो राष्ट्रीय औसत से भी नीचे है।
BJP ने भी दिया NFHS रिपोर्ट का हवाला
BJP ने जवाब में NFHS रिपोर्ट का हवाला दिया। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "कांग्रेस झूठ फैला रही है। MP में नशे के खिलाफ हमारी सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।" मंत्री विश्वास सारंग ने ट्वीट किया, "NFHS-5 में MP महिलाओं में शराब यूज 0.3% है, सबसे कम राज्यों में। पटवारी जी, तथ्यों से खेलना बंद करें।
राजनीतिक विश्लेषक प्रो अजय मिश्रा ने कहा, "यह बयान सियासी है, लेकिन गलत आंकड़ों से कांग्रेस की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा। MP में नशे की समस्या है, लेकिन महिलाओं में यह सबसे ज्यादा नहीं है।"
सच्चाई क्या है?
जीतू पटवारी का दावा कि MP की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं, NFHS-5 और अन्य रिपोर्ट्स से गलत साबित होता है। MP में महिलाओं में अल्कोहल कंजम्प्शन 0.3% है, जो देश के सबसे कम रेट में से एक है। सबसे ज्यादा उत्तर पूर्वी राज्यों में है। पटवारी का बयान शायद सियासी अतिरंजना है, जो सरकार पर हमला करने के लिए दिया गया। लेकिन यह महिलाओं की छवि पर सवाल उठाता है। सच्चाई यह है कि MP में नशे की समस्या है, लेकिन महिलाओं में यह न्यूनतम है। यह बयान सियासी बहस तो छेड़ेगा, लेकिन तथ्यों की रोशनी में यह धुंधला पड़ता है।












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