MP News: 6वें राज्य वित्त आयोग का गठन, जानिए जयभान सिंह पवैया कैसे बने अध्यक्ष, ग्वालियर में जश्न
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 6वें राज्य वित्त आयोग का गठन करते हुए पूर्व मंत्री और महाराष्ट्र सहप्रभारी जयभान सिंह पवैया को इसका अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।
यह घोषणा गुरुवार (20 मार्च 2026) को हुई, जिसके बाद ग्वालियर स्थित उनके आवास पर समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाइयां बांटी गईं और एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला लगा रहा। पवैया ने इस नियुक्ति को जगदंबा मां का आशीर्वाद बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल का आभार जताया है।

कैसे होती है नियुक्ति
राज्य वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243-I और 243-Y के तहत किया जाता है। यह आयोग राज्य के वित्तीय संसाधनों के बंटवारे, पंचायतों और नगर निकायों को मिलने वाली अनुदान राशि, करों के बंटवारे और अन्य वित्तीय सिफारिशें करता है। 6वां राज्य वित्त आयोग 2026-2031 की अवधि के लिए गठित किया गया है।
जयभान सिंह पवैया को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खासा चर्चा हो रही है। पवैया भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र में पार्टी के सहप्रभारी के रूप में सक्रिय रहे हैं। वे पूर्व में मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और ग्वालियर क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं।
जयभान सिंह पवैया की प्रतिक्रिया
नियुक्ति की सूचना मिलने पर पवैया ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा: "मुझे कल शाम जब सूचना मिली, तो मैंने अनुभव किया कि नवरात्रि के पहले दिन की संध्या को जगदंबा मां ने मुझे कोई आदेश दिया है। मैं इस दायित्व को भगवती के चरणों में अर्पित करता हूं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल का हृदय से आभार जताया। पवैया ने कहा: "इन नेताओं ने एक उच्च संवैधानिक संस्था - राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में मेरी क्षमताओं को परखा और मुझ पर विश्वास जताया। मैं इस विश्वास को बनाए रखने का पूरा प्रयास करूंगा।"
ग्वालियर में जश्न का माहौल
घोषणा के बाद ग्वालियर स्थित उनके आवास पर समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाइयां बांटी गईं और नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने इसे भाजपा की मजबूती और पवैया के योगदान की जीत बताया। पवैया ने समर्थकों से कहा कि यह पद केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि प्रदेश की पंचायतों और नगर निकायों को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।
राज्य वित्त आयोग का कार्यक्षेत्र
राज्य के करों और शुल्कों का पंचायतों और नगर निकायों में बंटवारा। राज्य से प्राप्त अनुदान का स्थानीय निकायों में वितरण। पंचायतों और नगर निकायों को दिए जाने वाले अनुदान की राशि और तरीका। स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के उपाय। अन्य वित्तीय सिफारिशें जो आयोग उचित समझे। आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर अगले 5 वर्षों की वित्तीय योजना बनेगी।
भाजपा नेताओं ने पवैया की नियुक्ति का स्वागत किया है। कांग्रेस ने कहा कि यह नियुक्ति राजनीतिक इनाम है, लेकिन पवैया के अनुभव को देखते हुए कामयाबी की उम्मीद है।
यह नियुक्ति मध्य प्रदेश की स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पवैया के अनुभव और संगठन कौशल से आयोग के काम में तेजी आने की उम्मीद है।












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