MP News: जबलपुर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर मुकेश परमार 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया
MP News: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम ने एक और बड़ा झटका दिया है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने सिवनी जिले के धनौरा में मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के सहायक गुणवत्ता नियंत्रक (वेयरहाउस मैनेजर) मुकेश परमार (41 वर्ष) को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी ने किसान सुरेंद्र जैन के वेयरहाउस में धान और अन्य अनाज खरीदी की सुविधाएं न देने के बदले पहले 25,000 रुपये की मांग की थी, जिसमें से आज शेष राशि लेते धर दबोचा गया।

ट्रैप आज (12 दिसंबर 2025) आरोपी के कार्यालय कक्ष में सफल हुई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह 2025 में जबलपुर लोकायुक्त की कई सफल ट्रैप्स में से एक है, जो कृषि और वेयरहाउसिंग विभाग में फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर रही है। लोकायुक्त SP ने कहा, "किसानों की फसल खरीदी में बाधा डालकर घूस लेना असहनीय है। हमारी टीम ने सटीक प्लानिंग से कार्रवाई की।"
किसान की शिकायत से कार्यालय में गिरफ्तारी तक
आवेदक सुरेंद्र जैन (पिता स्व. खेमचंद जैन, उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम धनौरा, जिला सिवनी) ग्राम नाई पिपरिया में जैन वेयरहाउस चलाते हैं। वे धान खरीदी और अन्य अनाज के लिए सरकारी सुविधाएं लेना चाहते थे।
- रिश्वत की मांग: वेयरहाउस मैनेजर मुकेश परमार ने लिखा-पढ़ी न करने और सुविधाएं न देने के बदले 25,000 रुपये मांगे। बातचीत में 15,000 रुपये पर सहमत हुए।
- शिकायत: सुरेंद्र ने यह बात पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को बताई। सत्यापन में मांग सही पाई गई।
- ट्रैप प्लान: आज सुरेंद्र को 15,000 रुपये देकर आरोपी के कार्यालय कक्ष में भेजा गया।
- गिरफ्तारी: जैसे ही परमार ने राशि ली, ट्रैप टीम ने उन्हें दबोच लिया। नोटों पर चूना-पाउडर के निशान मिले।
लोकायुक्त SP ने कहा, "यह छोटी राशि का मामला लगता है, लेकिन किसानों की फसल खरीदी में बाधा डालना गंभीर अपराध है। जांच जारी है।"
लोकायुक्त ट्रैप टीम की सराहनीय भूमिका
- - ट्रैपकर्ता निरीक्षक शशि मर्सकोले (लीड)
- - निरीक्षक राहुल गजभिए
- - निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया
- - जबलपुर लोकायुक्त का पूरा दल
टीम ने कार्यालय कक्ष के बाहर घेराबंदी की और परमार को रिश्वत लेते पकड़ा।
आरोपी मुकेश परमार: 41 साल का मैनेजर, घूसखोरी का तरीका
मुकेश परमार (पिता स्व. नानजी परमार, उम्र 41 वर्ष) धनौरा शाखा में सहायक गुणवत्ता नियंत्रक (वेयरहाउस मैनेजर) हैं। विभाग में वेयरहाउस सुविधाएं देने के नाम पर घूस लेने की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। लोकायुक्त अब उनके बैंक खातों और संपत्ति की जांच करेगी।
वेयरहाउसिंग विभाग में भ्रष्टाचार: किसान परेशान
सिवनी जैसे जिलों में धान खरीदी के दौरान वेयरहाउस सुविधाओं में घूसखोरी आम है। किसान लिखा-पढ़ी के लिए 5,000 से 20,000 रुपये तक देते हैं। यह ट्रैप उन सभी के लिए राहत है। सुरेंद्र ने कहा, "मैंने हिम्मत की और लोकायुक्त पहुंचा। अब न्याय मिला।"
किसान क्षेत्र में सवाल
सिवनी-मंडला आदिवासी-किसान बहुल क्षेत्र है। विभाग में भ्रष्टाचार का यह मामला विपक्ष के लिए हथियार बनेगा। कांग्रेस ने कहा, "मोहन सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर।" BJP ने कहा, "लोकायुक्त स्वतंत्र है, कार्रवाई हो रही है।"
रिश्वत की जड़ें गहरी, लेकिन लोकायुक्त सख्त
15,000 रुपये की यह रिश्वत छोटी लगती है, लेकिन यह वेयरहाउसिंग विभाग के भ्रष्टाचार की बड़ी तस्वीर है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी है। क्या जांच में और खुलासे होंगे? वनइंडिया हिंदी अपडेट लाता रहेगा।












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