Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Gwalior MP News: इंदौर आरक्षक लूटकांड का 48 घंटों में पर्दाफाश, मास्टरमाइंड धर्मेंद्र गुर्जर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज लूटकांड का मात्र 48 घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। इंदौर से ग्वालियर आते समय आरक्षक प्रमोद त्यागी पर गोली चलाकर लूट करने वाले मुख्य आरोपी धर्मेंद्र गुर्जर उर्फ बाबूजी को घाटीगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से लूटी गई पेंशन-प्रो मोटरसाइकिल को एक कुंए से बरामद कर लिया गया है।

घटना में शामिल तीन अन्य फरार बदमाशों-रिंकू गुर्जर उर्फ शंकी, अंकेश गुर्जर और लखन आदिवासी-की तलाश तेज कर दी गई है, और प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। यह सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह भृगु के नेतृत्व में विशेष टीम की मेहनत का नतीजा है, जो ग्वालियर पुलिस की अपराध नियंत्रण क्षमता को दर्शाती है। हमने पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की, जिसमें घटना का क्रम, आरोपी का बैकग्राउंड, पुलिस कार्रवाई और सामाजिक प्रभाव शामिल हैं।

Indore constable robbery case solved within 48 hours mastermind Dharmendra Gurjar arrested

घटना का दर्दनाक विवरण: आरक्षक पर हमला और लूट

घटना 18 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे घाटीगांव क्षेत्र के पानीहर और घाटीगांव के बीच हाईवे पर हुई। इंदौर से ग्वालियर लौट रहे आरक्षक प्रमोद त्यागी अपनी पेंशन-प्रो मोटरसाइकिल पर सवार थे। अचानक चार बाइक सवार बदमाशों ने उनका पीछा किया और उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने त्यागी के पास से 30,000 रुपये नगद, मोबाइल फोन, पर्स और मोटरसाइकिल लूट ली। विरोध करने पर मुख्य आरोपी धर्मेंद्र गुर्जर ने अपनी पिस्तौल से गोली चला दी, जो त्यागी के पैर में लगी। घायल त्यागी सड़क पर गिर पड़े, और बदमाश भाग निकले।

घायल आरक्षक को स्थानीय पूर्व विधायक ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। त्यागी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही घाटीगांव थाने में मामला दर्ज हुआ, और पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। यह हाईवे पर बढ़ते अपराधों की एक कड़ी है, जहां सिपाहियों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

आरोपी धर्मेंद्र गुर्जर: मास्टरमाइंड का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र गुर्जर उर्फ बाबूजी (उम्र करीब 28 वर्ष) ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र का निवासी है। वह गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखता है और पिछले कुछ वर्षों से हाईवे लूट के गिरोह का सरगना बना हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गुर्जर के खिलाफ पहले से ही दो लूट के मामले दर्ज हैं, जिसमें एक में उसने एक ट्रक ड्राइवर से 50,000 रुपये लूटे थे। गिरोह के अन्य सदस्य रिंकू उर्फ शंकी (गुर्जर का चचेरा भाई), अंकेश गुर्जर और लखन आदिवासी भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधी हैं। सूत्रों के मुताबिक, गुर्जर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था और गिरोह हाईवे पर रात के समय अकेले यात्रियों को निशाना बनाता था।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गुर्जर ने कबूल किया कि लूट की रकम को आपस में बांट लिया गया था। पुलिस ने उसके पास से एक देशी पिस्तौल भी बरामद की है। कुंए से निकाली गई मोटरसाइकिल पर लूट के निशान मिले, जो मामले को मजबूत सबूत प्रदान करते हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 48 घंटों में सफलता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह भृगु ने घटना की सूचना मिलते ही एएसपी सुमन गुर्जर, जयराज कुबेर और थाना प्रभारी की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से आरोपी का पता लगाया। 20 सितंबर को सुबह घाटीगांव के जंगल इलाके में गुर्जर को घेर लिया गया। विरोध पर पुलिस ने हल्की गोलीबारी की, लेकिन आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया।

क्राइम ब्रांच, घाटीगांव थाना और विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों की भूमिका सराहनीय रही। एसपी भृगु ने कहा, "यह हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। फरार तीनों पर इनाम घोषित कर तलाश तेज कर दी गई है।" पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाएं न हों।

ग्वालियर में अपराध की पृष्ठभूमि: हाईवे लूट का बढ़ता ट्रेंड

ग्वालियर हाईवे (NH-46) पर लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं। अगस्त 2025 में ही एक शराब दुकान से 32 लाख की लूट का मामला 48 घंटों में सुलझा था, जिसमें 20 लाख बरामद हुए। जुलाई में एक लूट आरोपी को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक सिपाही घायल हुआ था। ये मामले दर्शाते हैं कि ग्वालियर पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन हाईवे पर सीसीटीवी और गश्त की कमी एक समस्या बनी हुई है।

पुलिस की तारीफ

घटना पर इंदौर पुलिस ने ग्वालियर टीम की सराहनाकी। पूर्व विधायक ने कहा, "आरक्षक त्यागी की बहादुरी सराहनीय है।" आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड ली जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि फरारों की गिरफ्तारी से गिरोह टूट जाएगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+