रायसेन में 6 साल की मासूम के साथ दर्दनाक दरिंदगी, आरोपी सलमान की गिरफ्तारी न होने पर हाईवे पर महाजाम
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 6 वर्षीय एक मासूम बच्ची के साथ हुई दर्दनाक दरिंदगी ने न केवल एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि पूरे इलाके को आक्रोश से ला ला कर दिया। गौहरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम हुई इस घटना के तीन दिन बाद भी आरोपी सलमान खान उर्फ नजर की गिरफ्तारी न होने से जनाक्रोश चरम पर पहुंच गया।
सोमवार सुबह 11 बजे मंडीदीप में भोपाल-जबलाम नेशनल हाईवे-12 पर सकल हिंदू समाज के लोगों ने सड़क जाम कर दी। सड़क के दोनों ओर वाहनों की 14 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जबकि औबेदुल्लागंज-बायपास पर 7 किलोमीटर जाम रहा। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, लेकिन तनाव बरकरार है।

रविवार को औबेदुल्लागंज, सुल्तानपुर नगर और बिनेका में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और चक्काजाम किया। पुलिस ने 10 टीमें लगाकर छापेमारी की, लेकिन आरोपी अभी फरार है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही है, बल्कि महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जगा रही है।
घटना की शुरुआत 21 नवंबर की शाम हुई, जब गौहरगंज के एक गांव में 6 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी सलमान खान (23 वर्ष), जो पड़ोस का रहने वाला था, ने उसे चॉकलेट के लालच में बुलाया और पास के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया। बच्ची की चीखें सुनकर ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक सलमान भाग चुका था। घायल बच्ची को तुरंत सुल्तानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके हालत को गंभीर बताते हुए रायसेन जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बच्ची के पिता ने गौहरगंज थाने में FIR दर्ज कराई, लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं पाई। बच्ची की मां ने रोते हुए कहा, "मेरा लाल चॉकलेट के लिए गया था, लेकिन दरिंदे ने उसे जिंदगी भर का दर्द दे दिया।
पुलिस सो रही है क्या?"
जनाक्रोश रविवार को भड़का, जब औबेदुल्लागंज में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। सकल हिंदू समाज संगठन के नेताओं ने नेतृत्व किया। वे "अपराधी को फांसी दो", "बच्चियों की रक्षा करो" के नारे लगाते हुए बायपास जोड़ पर चक्काजाम कर दिया। दुकानें सुबह से शाम तक बंद रहीं। सुल्तानपुर नगर और बिनेका में भी प्रदर्शन हुए, जहां ग्रामीणों ने पुलिस थाने का घेराव किया। रायसेन कलेक्टर ने कहा, "हमारी टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।" लेकिन ग्रामीणों का विश्वास डगमगा गया। एक बुजुर्ग ने कहा, "तीन दिन हो गए, आरोपी घर-घर छिपा फिर रहा है।
आरोपी को पकड़ो, तब तक रहेगा जाम
सोमवार सुबह 11 बजे मंडीदीप में हाईवे जाम ने हालात और बिगाड़ दिए। सकल हिंदू समाज के सैकड़ों लोग सड़क पर बैठ गए। वे आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त सजा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। भोपाल-जबलाप और बैतूल-नागपुर मार्ग पर 14 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। स्कूल बसें, ट्रक, कारें - सब फंस गए। यात्री भूखे-प्यासे सड़क पर ही रुक गए। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ नहीं बिखरी तो लाठीचार्ज शुरू हो गया। कई लोग घायल हुए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने लाठियां बरसाईं।
रायसेन एसपी ने बताया कि 10 विशेष टीमें लगाई गई हैं। वे आरोपी के घर, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं। लेकिन तीन दिन बाद भी हाथ खाली है। आरोपी सलमान का आपराधिक इतिहास सामने आया - पहले भी छोटे-मोटे मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह जंगल-जंगल छिपा हुआ है। बच्ची की हालत अब स्थिर है, लेकिन मानसिक आघात गहरा है। डॉक्टरों ने कहा कि उसे लंबे समय तक काउंसलिंग की जरूरत होगी।
यह घटना मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की कड़ी याद दिला रही है। 2025 में रायसेन में ही 15 ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरा - "मोहन यादव सरकार में बच्चियां सुरक्षित नहीं।" भाजपा ने कहा, "आरोपी को जल्द सजा मिलेगी।" लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा। जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। सवाल उठ रहा है - कब तक लाठियां चलेंगी, आरोपी को पकड़ने में कितना वक्त लगेगा? एक मासूम की चीखें आज भी गूंज रही हैं।












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