भोपाल में कॉलेज छात्राओं को कैसे गांजा पिलाकर होता था घिनौना काम, जानकर चौंक जाएंगे, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग
MP news: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्राइवेट कॉलेज की छात्राओं को नशीले पदार्थ पिलाकर उनके साथ रेप किया गया, वीडियो बनाए गए और फिर ब्लैकमेलिंग का घिनौना खेल खेला गया। इस मामले में अब तक चार पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें दो सगी बहनें भी शामिल हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथी साहिल खान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी-अबरार, अली और मोहम्मद साद-फरार हैं।

पुलिस को फरहान के मोबाइल से एक दर्जन से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप्स मिली हैं, जिनके आधार पर अन्य पीड़िताओं की तलाश जारी है। यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड की याद दिलाता है, जहां भी छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया था।
सुनियोजित साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह का काम था, जिसमें कॉलेज की हिंदू छात्राओं को टारगेट किया गया। मुख्य आरोपी फरहान खान, जो भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में एमबीए फाइनल ईयर का छात्र है, पहले छात्राओं से दोस्ती करता था। वह प्रेम और विश्वास का जाल बुनकर उन्हें अपने करीब लाता, फिर गांजा और शराब जैसे नशीले पदार्थ पिलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता। इस दौरान वह चुपके से वीडियो रिकॉर्ड करता और बाद में इन वीडियो का इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग शुरू करता। पीड़िताओं को न केवल शादी और धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता, बल्कि उनकी सहेलियों को भी इस जाल में फंसाने का दबाव बनाया जाता।
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह एक सुनियोजित साजिश थी और क्या इसमें और लोग शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरहान के मोबाइल से बरामद वीडियो में 10-15 अन्य छात्राओं के अश्लील क्लिप्स मिले हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक जांच चल रही है।
MP news: पहली पीड़िता की दर्दनाक कहानी
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक पीड़िता ने 18 अप्रैल 2025 को भोपाल के बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि 2023 में कॉलेज में उसकी मुलाकात फरहान से हुई थी। दोनों पहले दोस्त बने और फिर नजदीकियां बढ़ीं। इस दौरान फरहान ने चुपके से वीडियो बना लिया। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीड़िता उच्च शिक्षा के लिए इंदौर चली गई और एक हॉस्टल में रहने लगी। लेकिन फरहान ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। वह फोन कॉल्स के जरिए ब्लैकमेल करता रहा और शादी व धर्म परिवर्तन का दबाव डालता।
जब पीड़िता ने इनकार किया, तो फरहान अपने दोस्तों के साथ इंदौर पहुंचा। वहां उसने और उसके साथियों ने पीड़िता के साथ फिर रेप किया। डर के मारे पीड़िता ने पहले इंदौर में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन वहां पुलिस ने उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की। आखिरकार, वह अपने माता-पिता के साथ भोपाल लौटी और बागसेवनिया थाने में फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया। उसने पुलिस को बताया कि फरहान ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने शादी नहीं की, तो वह वीडियो वायरल कर देगा।
MP news: दो सगी बहनों का दुखद बयान
फरहान के मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो सगी बहनों से संपर्क किया, जो बीटेक की छात्राएं थीं। बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि 2022 में बीटेक प्रथम वर्ष के दौरान एक सहेली के जरिए उसकी मुलाकात फरहान से हुई। फरहान ने उसे अपने दोस्तों से मिलवाया और जहांगीराबाद में हामिद के घर ले गया। वहां फरहान ने उसके साथ रेप किया और वीडियो बनाया। बाद में उसने शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे जबरन नॉनवेज (मटन) खिलाया गया और कॉलेज में बदनाम करने की धमकी दी गई।
छोटी बहन को भी फरहान ने इसी तरह अपने जाल में फंसाया। दोनों बहनों ने बताया कि फरहान और उसके दोस्तों ने उन्हें गांजा और शराब जैसे नशीले पदार्थ पिलाए और कई बार शारीरिक शोषण किया। डर और बदनामी के कारण दोनों ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। बड़ी बहन ने कहा, "हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई। फरहान ने हमें इतना डराया कि हम किसी से कुछ कह भी नहीं पाए।"
ब्लैकमेलिंग का घिनौना रैकेट
पुलिस जांच में पता चला कि यह सिलसिला 2022 से चल रहा था। फरहान और उसके साथी कॉलेज में हिंदू छात्राओं को टारगेट करते थे। वे पहले दोस्ती या प्रेम का झांसा देकर उनके करीब आते, फिर नशीले पदार्थ पिलाकर रेप करते और वीडियो बनाते। इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं को ब्लैकमेल किया जाता। कई पीड़िताओं को अपनी सहेलियों को फरहान के दोस्तों से मिलवाने के लिए मजबूर किया गया, जिससे यह रैकेट और बड़ा होता गया। कुछ मामलों में पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन और शादी का दबाव बनाया गया, साथ ही नशीले पदार्थ और नॉनवेज खाने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस को संदेह है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फरहान के मोबाइल से मिले सबूतों से अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की स्थिति
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद फरहान खान को भोपाल के ऐशबाग इलाके से गिरफ्तार किया। फरहान के पिता टैक्सी ड्राइवर हैं, और वह पढ़ाई के साथ-साथ सेकेंड हैंड कारों का बिजनेस भी करता था। उसके मोबाइल से बरामद वीडियो और फोटो को साइबर एक्सपर्ट्स के पास जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने उसके साथी साहिल खान को भी गिरफ्तार किया है।
तीन अन्य आरोपी-अबरार, अली और मोहम्मद साद-फरार हैं। अली और साद पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं, और उनकी तलाश के लिए पुलिस ने एक टीम वहां भेजी है। 24 अप्रैल 2025 को पुलिस ने तीन थानों (बागसेवनिया, जहांगीराबाद, अशोका गार्डन) में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की हैं।
अजमेर कांड से समानता
यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड से कई मायनों में मिलता-जुलता है। अजमेर में भी एक संगठित गिरोह ने स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए थे और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला चलाया था। भोपाल के इस मामले में भी पीड़िताओं को डर और बदनामी के कारण चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। कई पीड़िताओं ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और सामाजिक दबाव में जी रही हैं।
समाज और प्रशासन के लिए सवाल
इस मामले ने कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िताओं के बयानों से साफ है कि यह एक सुनियोजित अपराध था, जिसमें नशीले पदार्थ, ब्लैकमेलिंग, शारीरिक शोषण और धार्मिक दबाव का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़िताओं से संपर्क कर रही है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि सभी दोषियों को सजा मिले।
एसआईटी की जांच से इस रैकेट के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में कोई और छात्रा इस तरह के घिनौने अपराध का शिकार न बने।












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