मस्जिदों पर CCTV कैमरे लगाने की पहल का गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया स्वागत
भोपाल शहर काजी ने प्रदेश में बिगड़ते सांप्रदायिक माहौल को देखते हुए मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की पहल की है, जिसका प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्वागत किया है।
भोपाल, 13 अप्रैल। खरगोन और सेंधवा में हुई हिंसा को लेकर राजधानी में शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल कलाम कासमी ने रमजान माह में विवादों का खास ख्याल रखने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने शहर की सभी मस्जिदों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा है, जिससे मौका पड़ने पर सच बात सामने लाना आसान हो।

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उलेमाओं ने खरगोन सेंधवा में हुए मुसलमानों के नुकसान पर अफसोस जाहिर करते हुए ऐसे सभी पीड़ित लोगों के मदद की अपील भी आम लोगों से की है। इसके बाद गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने मस्जिदों पर सीसीटीवी लगाने के बयान पर कहा कि अच्छी पहल है और मैं इसका स्वागत करता हूं। सभी तरफ शांति रहे। यदि CCTV लगाने से कोई भ्रम दूर होता है तो जरूर लगाएं।

भोपाल के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए गृह मंत्री से मस्जिदों पर लगाए जाने वाले CCTV कैमरों को भोपाल पुलिस के Bhopal Eye से जोड़ने की मांग की . भोपाल आई (Bhopal Eye) सॉफ्टवेयर शहर के सभी CCTV का मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिससे पुलिस 24 घंटे शहर की हर गतिविधियों पर नज़र रखती है।
विधायक शर्मा ने कहा कि मस्जिदों पर CCTV कैमरे लगाने का भोपाल काजी साहब का निर्णय स्वागत योग्य निर्णय है। यह पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाना चाहिए।
भोपाल शहर काजी डीजीपी से मिले
खरगोन और सेंधवा की हिंसा के बाद भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने उलमाओं के साथ प्र्देश के DGP सुधीर सक्सेना से मुलाकात की है, उन्हें ज्ञापन सौंपकर मुस्लिम समुदाय की चिंता से अवगत भी कराया। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों से मध्य प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही हैं। इसके तहत ही खरगोन और सेंधवा में रामनवमी के जुलूस के समय मस्जिदों की दीवार पर चढ़कर भगवा झंडा लगाया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, इससे सांप्रदायिक दंगा हुआ। इसमें पुलिस और दंगाइयों ने मुस्लिम समाज को निशाना बनाया है।
रायसेन में भी एकतरफा कार्रवाई का शहर काजी ने लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी रायसेन जिले के ग्राम खमरिया में भी बिना जांच इसी तरह मुस्लिम समाज के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई थी, जिसमें उनके घर मकान तोड़े गए और फसलें उजाड़ दी गईं थीं। अब इसी तरह भोपाल में भी असामाजिक तत्वों द्वारा फिजा खराब करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने लिखा कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों द्वारा ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे दंगे और भड़क सकते हैं। प्रशासन को ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसा न हो कि कहीं देर हो जाए। यह आग पूरे प्रदेश में फैल जाए और काबू पाना मुश्किल हो जाए, तो मजलूम लोग दूसरा कदम उठाने के लिए मजबूर हो।












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