Bhopal News: जामा मस्जिद में 50 सालों से व्यवसाय कर रहे हिंदू दुकानदार परेशान,क्या करेंगे पलायन, जानिए पूरा सच
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जामा मस्जिद मार्केट में पिछले कई दशकों से व्यापार कर रहे हिंदू दुकानदारों की स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो गई है। इन दुकानदारों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, ताकि वे अपनी दुकानें छोड़कर पलायन कर जाएं और वहां मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग अपना व्यापार चला सकें। यह आरोप उस संस्था पर लगाए जा रहे हैं, जो जामा मस्जिद और उसके आसपास की संपत्तियों का संचालन करती है।
हालांकि वन इंडिया हिंदी की टीम को ग्राउंड पर पलायन जैसे हालात नज़र नहीं आए। पिछले 50 सालों से व्यापार कर रहे ज्यादातर दुकानदारों ने बताया कि वह संस्था के कुछ नियमों से जरूर परेशान है, लेकिन पलायन जैसे हालात नहीं है।

50 सालों से व्यवसाय कर रहे हिंदू दुकानदार परेशान
जामा मस्जिद मार्केट में लगभग 50 वर्षों से हिंदू दुकानदार किराए पर दुकानें चला रहे हैं। यहां करीब डेढ़ सौ दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू व्यापारी हैं, जो वक्फ बोर्ड की कमेटी के नियमों के तहत किराया अदा करते हैं। हालांकि अब ये दुकानदार खुद को असुरक्षित और परेशान महसूस कर रहे हैं। जब वन इंडिया हिंदी के रिपोर्टर एलएन मालवीय ने इन दुकानदारों से संवाद किया, तो कुछ दुकानदारों ने खुलकर अपनी समस्या साझा की। हालांकि, कई दुकानदारों ने अपनी पहचान उजागर करने से बचते हुए चुप्पी साध ली।

व्यापारियों के आरोप: जानबूझकर किया जा रहा उत्पीड़न
व्यापारी कृष्ण मोहन अग्रवाल ने बताया कि उनका आरोप है कि जमा मस्जिद को संचालित करने वाली संस्था औकाफन शाही (जो मस्जिद और उसके आसपास की संपत्तियों का संचालन करती है) जानबूझकर हिंदू दुकानदारों को परेशान कर रही है। उनका कहना है कि दुकानों के सामने अक्सर बाइक और टू-व्हीलर्स पार्क कर दिए जाते हैं, जिससे व्यापार में विघ्न उत्पन्न होता है।

इसके साथ ही असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी दुकानों के आसपास गंदगी फैलाई जाती है, थूक दिया जाता है, और इस सबका आरोप दुकानदारों पर मढ़ दिया जाता है। उनका आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया जाता है ताकि दुकानदार परेशान होकर खुद ही अपनी दुकान खाली कर दे और फिर मुस्लिम समुदाय के लोग उन दुकानों को चला सकें।

किराए की वृद्धि और मनमाने दामों का आरोप
दुकानदार नरेश जाधव ने आरोप लगाया कि औकाफन शाही संस्था द्वारा हर साल किराए में 5% की जगह बहुत अधिक वृद्धि की जाती है, जो कि बोर्ड के नियमों के खिलाफ है। उनका कहना है कि अगर यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो वे दुकानें छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इसके अलावा, दुकान के रिपेयरिंग के काम के लिए भी दुकानदारों से मनमाने दाम वसूले जाते हैं। नरेश जाधव ने बताया कि संस्था के लोग यह कहते हैं कि रिपेयरिंग का काम उनके ही लोग करेंगे और इसके लिए उन्हें मनमाना भुगतान करना होता है।
औकाफन शाही संस्था पर गंभीर आरोप
जामा मस्जिद की संपत्ति को लेकर कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि वे दुकानदारों को न केवल परेशान करते हैं, बल्कि नामांतरण की प्रक्रिया में भी दुकानदारों से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि इस संपत्ति का अब नगर निगम के कब्जे में आना चाहिए क्योंकि जामा मस्जिद की संपत्ति शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत आती है, लेकिन इसके बावजूद कमेटी के लोग किराया वसूल रहे हैं और कारोबार में अपनी दखलअंदाजी बढ़ाते जा रहे हैं।
क्या हो रही है पलायन की योजना?
कुछ व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के उत्पीड़न का मकसद उन्हें इस मार्केट से पलायन करने के लिए मजबूर करना है। पलायन की यह योजना खासकर उन दुकानदारों के लिए बनाई जा रही है जो इस क्षेत्र में वर्षों से कारोबार कर रहे हैं और जिनकी दुकानें इस इलाके की पहचान बन चुकी हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह सब बहुत सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है, ताकि यह जगह पूरी तरह से मुस्लिम व्यापारियों के कब्जे में आ सके।
पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील
व्यापारी अब इस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध करेंगे। इसके अलावा, व्यापारियों ने भोपाल प्रशासन और कैंद्र सरकार में पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से पत्र के माध्यम से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और दुकानदारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल का बयान: मामले की होगी पूरी जांच, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा
मध्य प्रदेश में भोपाल के जामा मस्जिद मार्केट से हिंदू दुकानदारों के पलायन की साजिश की खबरों के बीच वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई इस तरह की साजिश कर रहा है, तो वह इसकी पूरी जांच कराएंगे और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का स्पष्ट बयान
सनवर पटेल ने इस मामले को लेकर कहा कि वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी केवल मस्जिद और उसकी संपत्तियों के उचित संचालन की है। अगर किसी भी दुकानदार को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है या उनसे अनैतिक तरीके से वसूली की जा रही है, तो वह इसकी जांच कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड किसी भी प्रकार की साजिश को बढ़ावा नहीं देगा और अगर ऐसा कोई व्यक्ति या संस्था इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाई जाएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक कार्रवाई की बात की
सनवर पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड किसी भी परिस्थिति में नफरत फैलाने या किसी खास समुदाय को परेशान करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों को कानूनी तरीके से सजा दिलाई जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मामले की जांच में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी और जो भी इस साजिश में शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
भोपाल के जामा मस्जिद मार्केट में हिंदू दुकानदारों यह समस्या केवल स्थानीय व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र समाज और शांति के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। यदि समय रहते प्रशासन और सरकार इस मामले में उचित कदम नहीं उठाती हैं तो न केवल इन दुकानदारों के लिए समस्याएं बढ़ सकती हैं, बल्कि राजनीतिक और साम्प्रदायिक तनाव भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इन दुकानदारों की परेशानियों का समाधान हो सके और वे बिना किसी डर के अपने व्यवसाय को जारी रख सकें।












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