MP की अनाधिकृत कॉलोनियों के रहवासियों के लिए खुशखबरी, सांसद, विधायक निधि से हो सकेगा विकास, नियम में संशोधन
मध्यप्रदेश की अनाधिकृत कॉलोनी में अब सांसद और विधायकों की 'क्षेत्र विकास निधि' से विकास हो सकेंगे। इसके लिए नगरी प्रशासन ने कॉलोनी विकास नियमों में संशोधन किया है।

मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होना है ऐसे में सरकार ने अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास का रास्ता खोज लिया है। दरअसल प्रदेश की अनाधिकृत कालोनियों का विकास कार्य अब सांसद और विधायकों के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से प्राप्त राशि से किया जा सकेगा। क्योंकि नगरी प्रशासन विभाग नहीं कॉलोनी विकास नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट जारी कर दिया है।
बनाने की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश भर में अनाधिकृत कॉलोनी में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है। कॉलोनी वैध नहीं होने के चलते रहवासी बिजली, पानी और सड़क की समस्याओं से जूझते रहते हैं। लेकिन अब नगरी प्रशासन ने कॉलोनी विकास नियमों में संशोधन करके अनाधिकृत कालोनियों के रहवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है।
जो बदलाव किए गए हैं। उसके तहत अनाधिकृत कॉलोनी में सबसे पहले लेआउट प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद यहां रहने वाले नागरिकों से विकास शुल्क लेकर उन्हें भवन अनुज्ञा और अन्य अनुमतियां जारी की जा सकेंगी। प्रकाशित विकास योजना क्रियान्वयन कई तरह की विधियों से प्राप्त राशि से किया जाएगा। इसमें भवन और भूखंड स्वामियों से प्राप्त विकास शुल्क केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित योजनाओं के अधीन प्राप्त निधियां, जो योजनाओं के निबंधनों और शर्तों के तहत कालोनियों के विकास पर खर्च की जाएगी।
सार्वजनिक निजी भागीदारी और सांसद और विधायकों के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से प्राप्त राशि। विकास कार्य शुरू करने के लिए भूखंडों पर अवधारित विकास शुल्क की पूर्ण वसूली की जरूरत नहीं होगी। उपलब्ध निधि से प्राथमिकता के विकास कार्य किए जा सकेंगे। मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत अधिग्रहित की गई अनाधिकृत कॉलोनी के विकास के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों की संपत्ति के विक्रय से प्राप्त राशि से भी विकास कार्य होंगे। विकास लागत की राशि से समायोजित होगी और विकास लागत तथा समायोजित राशि कॉलोनी के बाहरी विकास एवं संधारण कार्य में खर्च की जा सकेगी।
रहवासी संघ का होगा गठन
कॉलोनी के विकास के लिए रहवासी संघ का गठन भी किया जा सकेगा। चयनित अनधिकृत कॉलोनी में विकास शुल्क की कुल राशि में से 20% निम्न आय वर्ग के रहवासियों से और 50% अन्य निवासियों से ली जा सकेगी। भवन अनुज्ञा का आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर बिना अनुमति के निर्मित भवन को नियमित करने के लिए आवेदन देना होगा। रहवासी संघ के माध्यम से ऐसी अनुमतियां जारी की जाएंगी।












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