Bhopal News: इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ठगी करने वाला राजस्थान से गिरफ्तार, ज्वेलर्स को लगाया था ₹5 लाख का चूना
भोपाल स्टेट साइबर पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व मंत्री, IAS और IPS की मिमिक्री कर लोगों को ठगने का काम करता था। आरोपी को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है।

राजस्थान में भोपाल स्टेट साइबर सेल ने ज्वेलर्स से इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ₹5 लाख 20 हजार की ठगी करने वाले राजस्थान के शातिर जालसाज यानी मिमिक्री क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ देशभर में ठगी के 62 अपराध हैं। वे जेल से रिहा होने के बाद ठगी करने लगता है। शातिर जालसाज लोगों को ठगने के लिए अधिकारियों के जैसे वीआईपी मोबाइल नंबर का उपयोग करता है।
बताया जा रहा है कि ये आठवीं पास जालसाज राजस्थान के सीएम के बेटे, मंत्रियों, कलेक्टरों के नाम पर भी ठगी कर चुका है। एडीजी योगेश देशमुख ने बताया कि भोपाल के रहने वाले नामी ज्वेलर्स ने 14 अप्रैल को लिखित शिकायत की थी। उसने बताया था कि 3 साल पहले उसके प्रतिष्ठान, ठिकानों में इनकम टैक्स की रेड पड़ चुकी है। इसके बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वे इनकम टैक्स अधिकारी बोल रहा है, जिसने उस समय रेड मारी थी। मामला सेटलमेंट कर लो। ज्वेलर्स घबरा गया। 5 लाख 20 रुपये में डील हुई। आरोपी ने ज्वेलर्स से 9 मार्च 2023 से 19 मार्च 2023 तीन बार में अपने बैंक खाते में ₹5 लाख 20 हजार डलवा लिए। बाद में ज्वेलर्स को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। इनकम टैक्स का मामला अभी भी हल नहीं हुआ है। ठगी का अहसास होने पर ज्वेलर्स ने स्टेट साइबर सेल में शिकायती आवेदन दिया।
अफसरों की कर लेता था मिमिक्री
मराठी से अंग्रेजी बोलने वाला सुरेश आठवीं पास है और वह मिमिकरी के जरिए ठगी करता है व्यापारियों का भरोसा जीतने मिमिक्री के जरिए अफसरों की आवाज में बात करता है इससे सामने वाले को पता नहीं चलता कि वह शातिर जालसाज है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी राजनेता, मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक की आवाज निकालकर 5 से 10 लाख रुपए एक बार में ही ठग लेता है।
सीएम का बेटा बनकर की थी ठगी
ठग सुदेश ने 24 अगस्त 2019 को राजस्थान में कार के शोरूम में फोन कर कहा था कि मैं मुख्यमंत्री का पुत्र वैभव गहलोत बोल रहा हूं। उसी दिन में शोरूम पहुंचा और मैनेजर से कहा कि उसे मुख्यमंत्री के पुत्र ने भेजा है शोरूम प्रबंधन ने उसकी आवभगत की और उसे कार दिखाई। उसने एक कार पसंद की और 5.75 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। बदले में उसने 30 अगस्त का चेक दिया शोरूम की तरफ से चेक बैंक में लगाया गया तो खाते से राशि ना होने से बाउंस हो गया, तब उन्हें ठगी का पता चला।
मामले में ज्वेलर्स पर सवाल खड़े हुए
लेकिन इस घटना ने भोपाल के फेमस ज्वेलर्स भी सवाल खड़े किए हैं। आखिरकार जब उन्होंने कोई घपला नहीं किया तो किस बात का उन्हें डर था और क्या सच में 5 लाख रुपये की घूस देकर इनकम टैक्स में मामला सेटलमेंट हो जाता है? खैर घूस लेने वाला नकली इनकम टैक्स अधिकारी को गिरफ्तार हो गया, लेकिन घूस देने वाले पर क्या कार्रवाई होती,अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। क्योंकि कानून के मुताबिक घूस देना और घूस लेना दोनों ही अपराध है।












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