Bhopal News: भोपाल में शराब माफिया पर नकेल: नालियों में छिपी विदेशी शराब, आबकारी विभाग की धमाकेदार कार्रवाई
MP News Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब माफिया के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। शनिवार, 5 जुलाई 2025 को भोपाल के छोला इलाके में नालियों में छिपाई गई विदेशी शराब की बोतलें और एक लावारिस गुमटी में पेटियों में भरी शराब बरामद कर माफिया के होश उड़ा दिए गए।
यह कार्रवाई भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में हुई, जिसने शराब माफिया को साफ संदेश दे दिया कि भोपाल में अवैध शराब का खेल अब और नहीं चलेगा। उसी दिन करौंद के रेस्तरां में भी अवैध शराब परोसने वालों पर शिकंजा कसा गया। आइए, इस धमाकेदार कार्रवाई की पूरी कहानी जानते हैं, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं!

नालियों में शराब, गुमटी में पेटियां: माफिया की चालाकी पकड़ी गई
भोपाल के छोला इलाके में शक्ति नगर कॉलोनी वह जगह बन गई, जहां आबकारी विभाग ने शराब माफिया की चालाकी को धराशायी कर दिया। सूचना मिली थी कि इस इलाके में अवैध विदेशी शराब का भंडारण और बिक्री हो रही है। नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया और वृत्त प्रभारी रमेश अहिरवार की अगुवाई में आबकारी विभाग की टीम ने तड़के सुबह छापेमारी शुरू की।
जब टीम शक्ति नगर पहुंची, तो दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। माफिया ने विदेशी शराब की 24 बोतलें 4-4 बोतलों के बंडलों में बोरियों में पैक कर नालियों में छिपा रखी थीं। यह चालाकी किसी जासूसी फिल्म की तरह थी, लेकिन आबकारी टीम की पैनी नजर से यह बच नहीं सकी। इसके बाद, उसी कॉलोनी में एक लावारिस गुमटी की तलाशी ली गई, जहां 5 पेटियों में 60 बोतलें विदेशी शराब भरी हुई थीं। कुल मिलाकर 63 बल्क लीटर शराब, जिसकी कीमत करीब 76,000 रुपये आंकी गई, जप्त की गई।
आबकारी विभाग ने इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया, "आरोपी की तलाश जारी है, और जल्द ही उसे पकड़कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह शराब माफिया के लिए एक कड़ा संदेश है कि भोपाल में अवैध कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा।"
करौंद में रेस्तरां पर छापा: 8 मामले दर्ज
शराब माफिया को सबक सिखाने के लिए आबकारी विभाग का एक्शन यहीं नहीं रुका। उसी दिन, 5 जुलाई 2025 को, भोपाल के करौंद इलाके में अन्नपूर्णा और दादा का ढाबा रेस्तरां पर छापेमारी की गई। इन रेस्तरां में अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतें मिल रही थीं। आबकारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों रेस्तरां में छापा मारा और अवैध शराब परोसने के खिलाफ 8 प्रकरण दर्ज किए।
वृत्त प्रभारी रमेश अहिरवार ने बताया, "हमने रेस्तरां में शराब परोसने की प्रक्रिया की जांच की और पाया कि बिना लाइसेंस के शराब परोसी जा रही थी। यह गैरकानूनी है और सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा है।" इस कार्रवाई में जिला भोपाल का समस्त आबकारी अमला शामिल रहा, जिसने दिनभर की मेहनत से माफिया को पसीना छुड़ा दिया।
आबकारी विभाग की रणनीति: शराब माफिया पर नकेल
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने इस कार्रवाई को एक शुरुआत बताया और चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, "शराब माफिया को लगता है कि वे चालाकी से बच सकते हैं, लेकिन हमारी टीम हर कदम पर उनकी निगरानी कर रही है। नालियों में शराब छिपाने से लेकर रेस्तरां में अवैध बिक्री तक, हम हर गैरकानूनी गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।"
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, "भोपाल को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करना हमारी प्राथमिकता है। यह न केवल कानून-व्यवस्था की जीत है, बल्कि समाज को सुरक्षित रखने का भी प्रयास है।"
liquor: शराब माफिया का बढ़ता दुस्साहस
भोपाल में अवैध शराब का कारोबार कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार की कार्रवाई ने माफिया की चालाकी को बेनकाब कर दिया। नालियों में शराब छिपाने और लावारिस गुमटियों में पेटियां रखने जैसे तरीके बताते हैं कि माफिया कितनी बारीकी से अपने कारोबार को अंजाम दे रहा है। हाल के महीनों में भोपाल में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं:
- मार्च 2025: कोलार रोड पर एक गोदाम से 50 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी।
- मई 2025: बैरागढ़ में एक ट्रक से 30 लाख रुपये की विदेशी शराब जप्त की गई थी।
- जून 2025: भोपाल के रातीबड़ में एक होटल में अवैध शराब परोसने के खिलाफ 5 प्रकरण दर्ज किए गए थे।
ये घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि भोपाल में शराब माफिया का नेटवर्क गहरा और व्यापक है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई ने माफिया को झटका तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो पाएगा?
जनता की चिंता और प्रशासन की जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही चिंता भी जताई। शक्ति नगर के एक निवासी, राजेश मालवीय ने कहा, "हमारे मोहल्ले में नालियों में शराब छिपाना डरावना है। बच्चे और बुजुर्ग यहां रहते हैं। अगर कोई बड़ा हादसा हो जाए तो? प्रशासन को माफिया के सरगनाओं को पकड़ना चाहिए।" करौंद के एक रेस्तरां मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "कई बार माफिया दबाव डालकर शराब परोसने के लिए मजबूर करते हैं। पुलिस को ऐसी गतिविधियों पर और सख्ती करनी चाहिए।"












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