MP Latest News : मध्यप्रदेश में अब डीओ बन सकेंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारी, 7 साल का अनुभव जरूरी
मध्यप्रदेश में अब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की डीओ के पद पर नियुक्ति हो सकेगी। इसके लिए कम से कम 7 साल का अनुभव जरूरी है।

राजधानी भोपाल सहित प्रदेश भर में डीईओ (अभिहित अधिकारी) के पद पर अब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति हो सकेगी। इसके लिए कम से कम 7 साल का अनुभव जरूरी है। इस संबंध में एफएसएसएआई में अधिसूचना जारी कर दी है। बता दे विभाग में 100 से ज्यादा रिक्त पड़े हैं। डीओ नहीं होने के कारण मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
दरअसल 10 साल से मध्यप्रदेश में डिप्टी कलेक्टरों व सीएमएचओ को प्रभारी अभिहित अधिकारी बनाया जा रहा है। इसे लेकर कई बार एफएफएसएआई फुल टाइम डी ओ तैनात करने के निर्देश दे चुका था बावजूद इसके अब तक इस पर अमल नहीं हो सका। जबकि विभाग के पास 100 से अधिक रिक्त पद पड़े हुए है। यही नहीं, खाद्य एवं औषधि विभाग के कई अफसर ऐसे हैं जिन्हें डीओ के रूप में तैनात किया जा सकता है, लेकिन उनसे कार्यालय का कार्य कराया जा रहा है। अधिसूचना में एफएसएसएआई ने इस पद पर स्थाई तौर पर नियुक्ति करने के निर्देश सभी राज्यों को दिए हुए हैं इससे एफएसओ के स्थाई तौर पर डीईओ बनाने का रास्ता खुल गया है।
अभी यह दिक्कत
जिलों में वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर या सीएमएचओ को प्रभारी दियो बनाया गया है। प्रभारी होने के कारण अफसर कम ही इस विवाद पर ध्यान दे पाते हैं। इसका असर यह पड़ता है कि मिलावट के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पाती है। राजधानी की बात करें तो यहां पर भी डीओ के पद पर डिप्टी कलेक्टर की तैनाती की गई है। इसके पास नोजल व्रत का कार्य तो है, इसके साथ ही निर्वाचन की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में इस विवाद पर अफसर कमी ध्यान दे पाते हैं स्थाई तौर पर नियुक्ति होने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यों में गति आएगी। शादी शक्ति के साथ निर्देशों का पालन हो सकेगा।












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