Bhoal News: मंत्री नरेंद्र पटेल के बेटे पर FIR, रेस्टोरेंट संचालक पर भी काउंटर केस
Bhopal News: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान नरेंद्र पटेल व साथियों के खिलाफ शनिवार देर रात शाहपुर थाने में मारपीट और धमकाने की एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक व साथियों के खिलाफ भी काउंटर के दर्ज किया गया है।
शाहपुरा थाना पुलिस के अनुसार मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान पटेल शनिवार देर रात 10:30 बजे त्रिलांगा इलाके में घूम रहे थे ट्रेफिक सिगनल के पास गाड़ी रुकने पर मीडिया कर्मी विवेक सिंह से उनका विवाद हो गया अभिज्ञान और उसके साथ मौजूद लड़कों ने विवेक के साथ मारपीट शुरू कर दी विवेक जान बचाने के लिए पास में स्थित अम्मा बाबूजी रेस्टोरेंट में घुस गए।

यहां पर मंत्री पुत्र ने जमकर उत्पाद मचाया और रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ करके संचालक दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान रेस्टोरेंट संचालक ने भी मंत्री पुत्र को पीटा विवाद के बाद रेस्टोरेंट संचालक और मंत्री पुत्र शाहपुरा थाने पहुंचे। यहां पर मंत्री पटेल भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। थेरे अरे मेडिकल के बाद करीब 2:00 बजे मंत्री पुत्र अभिज्ञान और साथियों के खिलाफ 294, 324, 506, 34 का प्रकरण दर्ज किया गया है।

पीसीसी के पीड़ितों से मिले
रविवार की सुबह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शाहपुरा थाने पहुंचे, जहां एक घायल दंपती और एक मीडियाकर्मी के मामले पर चर्चा की गई। वहां उन्होंने एसीपी मयूर खंडेलवाल से पूछा- "जब होटल संचालक के सिर में सात टांके आए हैं तो धारा 307 (हत्या के प्रयास का मामला) क्यों नहीं लगाई गई? पुलिसकर्मियों को क्यों सस्पेंड किया गया? पत्रकार की एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई?"
इस पर, थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह ने जवाब दिया- "हमें पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच के बाद, धाराएं बढ़ाई जाएंगी।"
दोपहर के करीब 3 बजे, एसीपी खंडेलवाल ने बताया कि एसआई जय कुमार, आरक्षक नरेश गुर्जर सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों को सीसीटीवी फुटेज और बयानों के आधार पर सस्पेंड किया गया है।
एसआई जयकुमार ने बताया, "अभिज्ञान पटेल और उसके साथी थाने में दंपती से अभद्रता कर रहे थे। अपशब्द कह रहे थे। मना करने पर पुलिसकर्मियों से भी बदसलूकी की। परिस्थिति के आधार पर हमने तात्कालिक कार्रवाई की। पुलिस पर मारपीट करने के आरोप निराधार है। सस्पेंशन की जानकारी मुझे सोशल मीडिया से ही मिली है। कोई ऑफिशियल ऑर्डर अब तक नहीं मिला है।"












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