Bhopal News: नाइट ऑपरेशन, बैरागढ़ से रायसेन रोड तक देर रात चली आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 30 प्रकरण दर्ज
Bhopal News: शुक्रवार की रात भोपाल की सड़कों पर सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार नहीं थी, बल्कि आबकारी विभाग की टीमों की तेज चाल भी देखी गई। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में बैरागढ़ क्षेत्र, इंदौर रोड, रायसेन रोड और कोकता बायपास के हाई-एंड रेस्टोरेंट्स, होटल्स और ढाबों पर आबकारी विभाग ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस 'नाइट ऑपरेशन' की अगुवाई नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया कर रहे थे, जिसमें आबकारी अधिकारियों की टीम ने रातभर विभिन्न प्रतिष्ठानों पर तलाशी अभियान चलाया और 30 प्रकरण दर्ज किए। यह कार्रवाई न केवल अवैध शराब परोसने वालों के खिलाफ थी, बल्कि उन संस्थानों पर भी जहां शराब की खपत नियमों के विरुद्ध की जा रही थी।

कहां-कहां हुई दबिश?
- कार्रवाई की जद में आए प्रमुख होटल, ढाबे और क्लब
- सम्भाला रिसोर्ट
- वॉटरविले क्लब
- मोक्ष क्लब
- सम्राट ढाबा
- लक्स रेस्टोरेंट
- GC रेस्टोरेंट
- शामियाना रेस्टोरेंट
इन स्थानों पर आबकारी विभाग की टीम ने अचानक छापा मारा, जहां शराब की बोतलों की जांच, ग्राहकों के पहचान पत्रों की पड़ताल और मौके पर ही शराब परोसने के कागजी लाइसेंस की जांच की गई।
Excise Department Action: क्या मिला कार्रवाई में?
- कई प्रतिष्ठानों पर बिना लाइसेंस शराब परोसी जा रही थी
- कुछ जगहों पर 'BYOB' (Bring Your Own Bottle) का गैरकानूनी चलन भी पकड़ा गया
- ग्राहकों को किचन या ऑफ-कैमरा ज़ोन में बैठाकर मदिरा परोसी जा रही थी
- कुछ प्रतिष्ठानों में नाबालिगों की उपस्थिति भी दर्ज की गई, जिन्हें शराब परोसी जा रही थी
- इन सब मामलों में आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कड़ी धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
"ये केवल शुरुआत है..." - आबकारी विभाग
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया: "हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि भोपाल में अवैध शराब परोसने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' लागू की गई है। यह केवल शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी सघन जांच अभियान चलाए जाएंगे।"
नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया ने कहा कि "लाइसेंस के बिना शराब परोसना, या निर्धारित समय के बाद शराब परोसना पूरी तरह गैरकानूनी है। कई प्रतिष्ठान नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे, अब ऐसे प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रखी जाएगी।"
Excise Department Action: रात में होटल मालिकों की उड़ी नींद
कार्रवाई की खबर जैसे ही फैली, बैरागढ़ और रायसेन रोड के होटल मालिकों में खलबली मच गई। कई प्रतिष्ठानों ने अपने गेट तुरंत बंद कर लिए, कुछ ने ग्राहकों को पीछे के दरवाजे से निकालना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि: "इन ढाबों और क्लबों में देर रात तक हंगामा होता था, मदिरा पान के बाद गाड़ियों की रेसिंग और शोर शराबे ने लोगों का जीना हराम कर रखा था।"
प्रकरण और कानूनी कार्रवाई
आबकारी विभाग ने छापेमारी के दौरान 30 प्रकरण दर्ज किए, जो मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(A) (अवैध शराब बिक्री), 34(1)(F) (अनधिकृत मदिरापान), और 36 (लाइसेंस उल्लंघन) के तहत पंजीबद्ध किए गए। इनमें से कुछ प्रकरण होटल और ढाबा संचालकों/मालिकों के खिलाफ थे, जबकि कुछ उन व्यक्तियों के खिलाफ थे, जो अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे थे।
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने कहा, "यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने और लाइसेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए थी। हमने संभाला रिसोर्ट, मोक्ष क्लब, और सम्राट ढाबा जैसे प्रतिष्ठानों में गंभीर उल्लंघन पाए। ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी।"
भोपाल में अवैध शराब का बढ़ता कारोबार
भोपाल में अवैध शराब का कारोबार पिछले कुछ वर्षों से चिंता का विषय बना हुआ है। होटल, रेस्टोरेंट, और ढाबे बिना लाइसेंस के शराब परोसकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। 3 मई 2025 को भोपाल जिला प्रशासन ने 58 रेस्टोरेंट, होटल, और क्लब-बार के आबकारी लाइसेंस रद्द कर उन्हें सील किया था, क्योंकि इनमें बिजली सुरक्षा सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की कमी थी।
12 मई को भी आबकारी विभाग ने कोलार रोड, केरवा डैम, आईएसबीटी, बैरागढ़, और बेरसिया रोड पर छापेमारी की थी, जिसमें ब्रांडेड शराब की बोतलें जब्त की गई थीं। इन कार्रवाइयों से साफ है कि भोपाल में अवैध शराब का नेटवर्क गहरा और व्यापक है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, "कई ढाबे और रेस्टोरेंट यूपी और अन्य राज्यों से सस्ती शराब मंगवाकर बेच रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश के आबकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।"
17 मई की कार्रवाई की खासियत
- 17 मई की कार्रवाई कई मायनों में अलग थी: विशाल दायरा: बैरागढ़, इंदौर रोड, रायसेन रोड, और कोकता बायपास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया गया, जो भोपाल के बाहरी इलाकों में अवैध शराब के गढ़ माने जाते हैं।
- प्रमुख प्रतिष्ठान: संभाला रिसोर्ट और मोक्ष क्लब जैसे हाई-प्रोफाइल रिसोर्ट्स पर छापेमारी ने यह संदेश दिया कि कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।
- तत्काल कार्रवाई: 30 प्रकरण तुरंत दर्ज किए गए, और कई जगहों से शराब की बोतलें जब्त की गईं।
- टीमवर्क: कलेक्टर, सहायक आबकारी आयुक्त, और नियंत्रण कक्ष प्रभारी के समन्वय ने कार्रवाई को प्रभावी बनाया।












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