MP News: भोपाल में आदिम जाति कल्याण विभाग में कर्मचारी बगावत, सतपुड़ा में कमिश्नर के खिलाफ हंगामा

Bhopal News: भोपाल स्थित सतपुड़ा भवन में बुधवार को आदिम जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर श्रीमन शुक्ला के खिलाफ कर्मचारियों ने जबरदस्त हंगामा मचाया। कर्मचारियों की नाराजगी का कारण एक बाबू हर्षपाल को निलंबित किया जाना था, जिसके चलते कर्मचारी भड़क उठे और दफ्तर में नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।

हंगामे के बीच, अधिकारियों को मामले को शांत करने के लिए समझौता बैठक बुलानी पड़ी, लेकिन कर्मचारियों ने बंद कमरे में चर्चा करने से इनकार कर दिया, और खुले में ही चर्चा करने की मांग की।

Employee revolt in Tribal Welfare Department in Bhopal uproar against Commissioner in Satpura

हंगामे का कारण: बाबू का निलंबन और बदसलूकी

घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब कमिश्नर श्रीमन शुक्ला ने एलडीसी हर्षपाल को फोन करके उसे जल्दी दफ्तर आने का आदेश दिया। हर्षपाल ने समय पर दफ्तर पहुंचकर कमिश्नर से मुलाकात की, लेकिन कमिश्नर ने उसे न केवल डांटा, बल्कि सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही कमिश्नर ने हर्षपाल के साथ गुस्से में आकर अभद्र व्यवहार किया और उस पर बोतल फेंककर मार दी। इस घटना ने कर्मचारियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया और वे एकजुट हो गए। कर्मचारियों का कहना था कि यह बर्ताव न केवल अनुशासनहीन था, बल्कि अपमानजनक भी था।

कर्मचारियों का उग्र विरोध

जब कर्मचारियों को इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने विभागीय अफसरों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने 'हमारा अधिकार, हमें चाहिए सम्मान' और 'कमिश्नर वापस जाएं' जैसे नारे लगाए। सुबह से शुरू हुआ यह हंगामा दोपहर तक जारी रहा, और कर्मचारियों की बढ़ती संख्या ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया।

हालात को बिगड़ता देख कमिश्नर श्रीमन शुक्ला ने पुलिस को मौके पर बुलाया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी भी कर्मचारियों के गुस्से को शांत करने में नाकाम रही। कर्मचारियों ने साफ तौर पर कहा कि वे केवल तब काम करेंगे जब उनके साथी हर्षपाल का निलंबन वापस लिया जाएगा और उनके साथ की गई बदसलूकी का उचित जवाब दिया जाएगा।

समझौता बैठक का कोई परिणाम नहीं

मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने समझौता बैठक का आयोजन किया। दोपहर 12 बजे के आसपास यह बैठक शुरू हुई, लेकिन कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि वे बंद कमरे में चर्चा करने के बजाय खुले में बातचीत करना चाहते हैं। कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने अब तक जो संघर्ष किया है, वह किसी भी अधिकारी के दबाव से नहीं किया, बल्कि यह उनके अधिकार की रक्षा के लिए था।

प्रदर्शन तेज करने की धमकी

कर्मचारी नेताओं ने बैठक के बाद अपने साथियों को समझाया कि कोई भी कर्मचारी किसी अधिकारी के दबाव में आकर काम नहीं करेगा। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि कमिश्नर के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हर्षपाल का निलंबन वापस नहीं लिया जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शाम तक इस मुद्दे का हल नहीं निकाला गया, तो वे ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलन और प्रदर्शन तेज करेंगे।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सस्पेंशन वापस नहीं लिया गया, तो वे कल से काम करना बंद कर देंगे और कार्यालय के बाहर आंदोलन करेंगे। उनका मानना था कि किसी भी कर्मचारी को बिना कारण अपमानित करना और उसके अधिकारों का हनन करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

कर्मचारियों का संदेश: 'समानता का अधिकार'

कर्मचारियों का कहना था कि उनका संघर्ष केवल हर्षपाल के निलंबन के खिलाफ नहीं, बल्कि हर कर्मचारी के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए है। उनका यह आंदोलन उन सभी कर्मचारियों के लिए है, जो दबाव और डर के बिना अपने अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से विभाग में कर्मचारियों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं।

क्या होगा अगला कदम?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अधिकारी इस मामले को कैसे सुलझाते हैं। क्या कमिश्नर श्रीमन शुक्ला कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करेंगे या यह विवाद और बढ़ेगा? कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अगर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और भी जोर पकड़ सकता है। सरकार और अधिकारी यह समझने में जुटे हैं कि क्या वे कर्मचारियों की नाराजगी को शांत कर पाएंगे, या मध्यप्रदेश के इस सरकारी विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच की यह खाई और गहरी हो जाएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+