सूखा-सूखा आषाढ़, सतना में सामान्य से 37% कम बारिश
सतना, 8 जुलाई: रिमझिम बारिश वाला माने जाने वाला आषाढ़ का महीना 25 जून से शुरू हुआ है, शुरुआती दिनों में मानसून की अच्छी सक्रियता देख किसान अच्छी फसल की संभावना जता रहे थे, लेकिन मानसून सीजन एक महीना बीतने के बावजूद सतना जिले के लोगों को अभी भी बारिश का इंतजार बना हुआ है। सीजन में अब तक औसत के मुकाबले 37 फीसदी कम बारिश हुई है। बारिश नहीं होने जिले के प्रमुख बांध-तालाब सूखे पड़े हैं। इसके चलते शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसानों को खेतों की बुवाई की समस्या बनी हुई है। किसान बेसब्री से वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।

तीन तहसीलों में सूखे के हालात
जिले में इस बारिश 1 जून से 7 जुलाई तक 128 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। तीन तहसीलों में अभी भी आंकड़ा 100 मिमी तक नहीं पहुंचा। सामान्य से 75 फीसदी कम बारिश होने के कारण सतना, मझगवां एवं रामपुर बाघेलान में सूखे के हालात बने हुए हैं। जिले में सबसे अधिक 254 मिमी वर्षा नागौद में दर्ज की गई है।

बोवनी प्रभावित
जिले में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसत वर्षा 202.9 एमएम के मुकाबले 128.5 मिलीमीटर दर्ज हुई है, जो औसत से 37 फीसदी कम है। पिछले साल जिले में 5 जुलाई तक 167.8 एमएम वर्षा हुई थी लेकिन इस साल जुलाई का पहला सप्ताह निकलने के बावजूद मानसून की बेरुखी बनी हुई है।

कहां कितनी वर्षा
सतना रघुराजनगर तहसील में 116.2 मिमी, बरौंधा मझगवां में 72.2 , बिरसिंहपुर में 134 मिमी, रामपुर बघेलान में 72 मिमी, नागौद में 254 मिमी, जसो नागौद में 113.3 मिमी, उचेहरा में 200 मिमी, मैहर में 138.5 मिमी, अमरपाटन में 107 मिमी तथा रामनगर तहसील में 153.7 मिमी औसत बारिश अब तक दर्ज की जा चुकी है। जिले की औसत सामान्य बारिश 1039.7 मि.मी. है। गत बारिश इस अवधि तक जिले में 167.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।












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