कमलनाथ के कपड़े फाड़ने वाले वायरल वीडियो पर दिग्विजय सिंह का जवाब, बोले- धैर्यपूर्वक समाधान निकाले बड़े लोग
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, भाजपा के पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थकों से बात करते हुए पीसीसी के कमलनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें कमलनाथ दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपड़े फाड़ने की बात कह रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस पर जवाब दिया है।
एमपी कांग्रेस के घोषणा पत्र के समय मेरे और कमल नाथ के बीच का मज़ाक़िया संवाद भी हुआ। जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ का रहे हैं कि मैंने दिग्विजय सिंह जी को एक पावर अटॉर्नी दी थी कि वह कमलनाथ के लिए पूरी गाली खाइये। जिस पर दिग्विजय सिंह ने कहा- पर गलती तो पता होना चाहिए। इस पर कमलनाथ ने कहा गलती हो या ना हो गाली खानी है। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा शंकर जी का काम है विष पीना, तो पियेंगे।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी होने से पहले बयान देते हुए कहा कि वह कमलनाथ के लिए विष पीने को तैयार है। वहीं कमलनाथ ने कहा कि दिग्विजय सिंह से मेरा राजनीतिक संबंध नहीं, बल्कि पारिवारिक संबंध है। दरअसल भाजपा की मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कमलनाथ का वीडियो वायरल किया जिसमें कमलनाथ बोल रहे हैं कि दिग्विजय सिंह और गोवर्धन के पास जाइए और उनके कपड़े फाड़िए।
रात में यह वीडियो जमकर वायरल हो गया। कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद कमलनाथ के बंगले पर कुछ असंतुष्ट पहुंचे थे। कोलारस से विधायक वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थक कमलनाथ से मिले और रघुवंशी के टिकट को लेकर कमलनाथ से बहस करने लगे। इस दौरान कमलनाथ ने कहा कि आप यहां पर गदर मत कीजिए दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के पास जाइए और उनके कपड़े फाड़िये है।
इस वीडियो के बाद सोमवार सुबह एक्स पर लिखा किकमल नाथ जी से मेरे पारिवारिक रिश्ता 1980 से है। हमारे बीच में कई बार कई मुद्दों पर मतभेद रहे है। दो मित्रों में मतभेद होना स्वाभाविक ही है लेकिन मनभेद नहीं रहे। जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद दोनों होते हैं। समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकाले। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं, जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं नर्मदे हर। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि "हैरान परेशान कांग्रेसियों का नहीं निकलेगा समाधान कमलनाथ ने कपड़ा फड़वाने का लिया ठान।"

टिकट वितरण प्रक्रिया कठिन: दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने एक्स पर लिखा कि मुझे 1985 में राजीव गांधी ने 38 वर्ष की आयु में एमपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। तब से टिकट वितरण प्रक्रिया से जुड़ा रहा हूं। यह सबसे कठिन काम है। इस चुनाव में लगभग 4000 उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। इनमें से केवल 230 का चयन होना है। निष्पक्षता से हर विधान सभा क्षेत्र का सर्वे करवाया गया। प्रदेश कांग्रेस ने अलग अलग लोगों से सर्वे कराया। फिर प्रयास किया है आम सहमति बने। अधिक से अधिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। महिलाओं व युवाओं को अवसर दिया जाए। फिर भी सभी को संतुष्ट करना संभव नहीं है।
प्रत्याशियों में असंतोष होना स्वाभाविक है। क्योंकि हर उम्मीदवार यह समझता है, केवल वही चुनाव जीत सकता है। जनता बदलाव चाहती है। विकल्प केवल कांग्रेस है। जिनको उम्मीदवार नहीं बना पाए हैं उनको संघटन में स्थान दिया जाना चाहिए। दिग्विजय ने लिखा कि आप सभी से विनम्र अपील है आपको जो कहना है वह तथ्यों के आधार पर आईसीसी के महासचिव, सचिव व पर्यवेक्षक जी को लिखित में अपना प्रतिवेदन दें। न्याय अवश्य मिलेगा। धन्यवाद।
यदि सरकार बनती है तो सभी योग्य लोगों को सम्माननीय स्थान पर अवसर मिलना चाहिए। मैं सभी टिकट प्राप्त करने में असफल रहे उम्मीदवारों से अपील करना चाहता हूँ आप धैर्य रखें। हम सभी को मिलजुल कर सरकार बनाना है।












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