दतिया में बढ़ते अपराधों पर सियासी संग्राम, पूर्व गृहमंत्री और विधायक आमने-सामने, प्रशासन भी कटघरे में
दतिया जिले में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत अब खुलकर सड़क से मंच और प्रेस वार्ताओं तक आ गई है। कानून व्यवस्था को लेकर पूर्व गृहमंत्री और वर्तमान विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा तथा कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है।
दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के बीच जिला प्रशासन भी सीधे निशाने पर आ गया है।

सीसी रोड पूजन कार्यक्रम में बरसे पूर्व गृहमंत्री
पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा दतिया नगर पालिका द्वारा आयोजित सीसी रोड भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दतिया में बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए जिला प्रशासन पर सीधा हमला बोला।
डॉ मिश्रा ने दतिया के कलेक्टर और एसपी को पूरी तरह "अकर्मण्य" बताते हुए कहा कि जिले में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
विधायक पर साधा निशाना
पूर्व गृहमंत्री ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधायक विधानसभा में सवाल तो लगाते हैं, लेकिन जब उन सवालों पर चर्चा का समय आता है, तो सदन में मौजूद नहीं रहते।
डॉ मिश्रा ने सवाल उठाया कि अगर दतिया के अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, तो विधायक विधानसभा में उनकी शिकायत क्यों नहीं करते। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दतिया के कलेक्टर और एसपी वही अधिकारी हैं, जिन्हें कांग्रेस विधायक के आईएएस संपर्कों के जरिए जिले में पदस्थ कराया गया है। इसी वजह से विधायक उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग नहीं करते।
कांग्रेस विधायक का पलटवार
दूसरी ओर कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दतिया में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। जिले में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। विधायक ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री को अपने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए कि उस समय दतिया की कानून व्यवस्था कैसी थी।
"जनता की आवाज उठाता रहूंगा"
राजेंद्र भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे दतिया की जनता के लिए हर मंच पर आवाज उठाते रहेंगे। चाहे विधानसभा हो या सड़क, वे जिले में बढ़ते अपराधों और पुलिस की निष्क्रियता को उजागर करते रहेंगे।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
दतिया में अपराध को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव अब तेज हो चुका है। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिला प्रशासन इस सियासी खींचतान के बीच कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। फिलहाल, जनता की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या दतिया में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी लगाम लग पाएगी या सियासी बयानबाजी यूं ही जारी रहेगी।












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