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Datia News: दतिया कलेक्टर ने अनाथ बच्चों के साथ खेली होली, ‘बाल होली उत्सव’ में बिखरे खुशियों के रंग

Datia Collector News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में होली का त्योहार इस बार खास रहा, जहां जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने अपने सरकारी निवास परिसर में "बाल होली उत्सव" का आयोजन कर अनाथ, असहाय और बेसहारा बच्चों के साथ रंगों की होली खेली।

यह आयोजन न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाया, बल्कि समाज में स्नेह, अपनापन और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सुंदर संदेश भी दिया। कलेक्टर वानखड़े, जो पहले से ही अपनी मानवीय छवि के लिए चर्चित हैं, ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ कागजी काम नहीं करते, बल्कि दिल से भी जुड़ सकते हैं।

Datia Collector Swapnil Wankhade played Holi with orphan children

"बाल होली उत्सव" में बिखरे रंग और खुशियां

रविवार को दतिया कलेक्टर निवास में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दर्जनों अनाथ बच्चे शामिल हुए, जिनमें से कई कोविड काल में माता-पिता खो चुके थे। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बच्चों का स्वागत गुलाल लगाकर किया और उन्हें होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों के साथ फूलों की होली खेली, रंग बिरंगे गुलाल से एक-दूसरे पर छींटे मारे और डीजे की धुनों पर जमकर डांस भी किया।

कार्यक्रम में विशेष व्यवस्था की गई थी:

  • बच्चों के लिए स्वादिष्ट खाने-पीने की व्यवस्था (स्वल्पाहार और मिठाइयां)
  • टी-शर्ट का वितरण, जिसे पाकर बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई
  • झूले, फिसलपट्टी और अन्य खेल सामग्री से भरपूर मस्ती
  • पूरा परिसर बच्चों के लिए रंग-बिरंगे सजावट से सजा हुआ था

बच्चों के चेहरों पर रंग और मुस्कान का मेल देखते ही बन रहा था। कई बच्चों ने कलेक्टर साहब के साथ फोटो खिंचवाई और उन्हें "भैया" या "अंकल" कहकर पुकारा। यह पल न केवल बच्चों के लिए, बल्कि मौजूद सभी लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।

कलेक्टर वानखड़े की संवेदनशीलता की मिसाल

स्वप्निल वानखड़े (2016 बैच के आईएएस अधिकारी) दतिया कलेक्टर के रूप में जून 2025 से कार्यरत हैं। वे पहले भी अनाथ बच्चों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखा चुके हैं। सितंबर 2025 में एक वायरल वीडियो में उन्होंने एक अनाथ लड़की से बातचीत कर उसकी चार बहनों के लिए ₹4,000 मासिक सहायता और शिक्षा के लिए रेड क्रॉस से मदद दिलवाई थी, जिसकी खूब सराहना हुई।

इस बार होली पर उन्होंने कहा कि होली प्रेम, सद्भाव और एकता का पर्व है। उन्होंने बच्चों को प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने और पानी बचाने की सलाह भी दी। उनका यह प्रयास समाज के कमजोर वर्गों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है और अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा आयोजन

आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग उन्हें "सच्चा जनसेवक" और "दिल से जुड़े अधिकारी" कहकर बधाई दे रहे हैं। यह "बाल होली उत्सव" सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संदेश है - कि समाज के हर बच्चे को प्यार और खुशी का हक है, और प्रशासन उसका साथ दे सकता है। दतिया में इस होली ने रंगों से ज्यादा स्नेह के रंग बिखेरे हैं, जो लंबे समय तक याद रहेंगे।

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