दतिया के भलका गांव में प्राचीन शिव मंदिर में तोड़फोड़, नंदी बाबा खंडित; नाग देवता को नुकसान पहुंचाने की आशंका
MP News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में धार्मिक आस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। भांडेर अनुभाग के गोदन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भलका में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों ने जमकर तोड़फोड़ की।
सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में घुसकर भगवान शिव की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया और शिवजी के सामने विराजमान नंदी बाबा की मूर्ति को खंडित कर दिया।

घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं और मंदिर परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा हो गई।
नाग देवता को नुकसान की आशंका, सर्प घायल अवस्था में मिला
घटना को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि मंदिर से लगभग 100 मीटर दूर एक सर्प घायल अवस्था में मिला, जिससे नाग देवता को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस शिव मंदिर से जुड़ी गहरी धार्मिक मान्यता है कि यहां नाग देवता सर्प के रूप में दर्शन देते रहे हैं। ऐसे में सर्प के घायल मिलने से लोग इसे धार्मिक आस्था पर हमला मान रहे हैं।
धन निकालने के लिए की गई तोड़फोड़?
ग्रामीणों के अनुसार यह शिवालय बेहद प्राचीन है और वर्षों से इसकी मान्यता बनी हुई है। इसी कारण आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने मंदिर में धन या बहुमूल्य वस्तुओं के होने की अफवाह के चलते यह वारदात की हो सकती है। हालांकि मंदिर से किसी नकदी या आभूषण की आधिकारिक चोरी की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन मंदिर की संरचना और मूर्तियों को जिस तरह नुकसान पहुंचाया गया है, उससे यह किसी योजनाबद्ध कृत्य की ओर इशारा करता है।
सुबह होते ही गांव में फैला आक्रोश
मंगलवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंच गए। लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर सीधा हमला है।
पुलिस मौके पर, जांच शुरू
सूचना मिलते ही गोदन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने नंदी बाबा की खंडित मूर्ति को जब्त कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे चोरी की मंशा थी या किसी तरह का धार्मिक उन्माद अथवा शरारती तत्वों की करतूत।
ग्रामीणों की मांग-शीघ्र गिरफ्तारी हो
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की पवित्रता भंग करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल गांव में स्थिति शांत है, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












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