दतिया नगर पालिका में हड़कंप: बाबू का सुसाइड VIDEO वायरल, CMO पर फर्जी दस्तावेजों पर साइन का दबाव
Datia Baboo Incident: दतिया नगर पालिका परिषद में पदस्थ एक बाबू की आत्महत्या ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। नगर पालिका की स्थापना शाखा में कार्यरत कर्मचारी दिलीप गोंड ने उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर सहित अन्य कर्मचारियों पर मानसिक प्रताड़ना, गाली-गलौज और फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुसाइड से पहले बनाया VIDEO, लगाए गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो आत्महत्या से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो में दिलीप गोंड कहते दिखाई दे रहे हैं कि वर्ष 2006 की एक नोटशीट से जुड़े दस्तावेजों पर उनसे हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार उस समय नगर पालिका में तत्कालीन सीएमओ मकबूल खान पदस्थ थे और कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
उन्होंने दावा किया कि मामला वर्ष 2017 में लोकायुक्त तक पहुंचा और जांच के दौरान उनसे दस्तावेजों की पुष्टि के लिए साइन कराने की कोशिश की गई। जब उन्होंने हस्ताक्षर से इनकार किया तो पहले 50 हजार रुपये का लालच दिया गया और बाद में प्रताड़ित किया गया।
"गालियां दीं, शाखा से हटाया" - VIDEO में आरोप
दिलीप गोंड ने आरोप लगाया कि वर्तमान सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने उन्हें स्थापना शाखा से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड का प्रभार दे दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपशब्द कहे गए, गालियां दी गईं और लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। वीडियो में उन्होंने अपनी मौत के लिए सीएमओ और दो अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
कैसे हुई घटना - परिवार ने बताया घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार दिलीप गोंड पिछले 5-6 वर्षों से नगर पालिका में पदस्थ थे। वे दतिया में किराए के मकान में रहते थे जबकि परिवार झांसी में रहता था। शनिवार-रविवार की छुट्टी होने पर वे झांसी घर पहुंचे थे।
रविवार सुबह उन्होंने चाय पी, घर के निर्माण कार्य के लिए बाजार जाकर सामान खरीदा और लौटकर छत पर बने कमरे में चले गए, जहां फांसी लगा ली। कुछ देर बाद बेटे ने उन्हें लटका देखा और शोर मचाया, जिसके बाद परिवार को घटना की जानकारी हुई।
CMO का बयान - आरोप निराधार
सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि दिलीप गोंड मेहनती कर्मचारी थे और वीडियो में लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनके मुताबिक, अवकाश के कारण वे झांसी गए थे और वहां क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी, VIDEO अहम सबूत
प्रेमनगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारियों और प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज है। कर्मचारी संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठ सकती है।
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