MP में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात, सागर में दलित युवक के साथ क्या हुआ, 15 दिन बाद वायरल हुआ VIDEO
मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समाज में दलित अब भी सुरक्षित हैं? रहली थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव के बीच बाजार में एक दलित युवक को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। आरोप है कि तीन युवकों ने मिलकर पहले युवक के पास कचरा रखा और फिर आग लगा दी। झुलसे युवक को आनन-फानन में जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह घटना 11 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है, लेकिन अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बेटे को बचाने पहुंची मां, पर खुद बन गई निशाना
पीड़ित युवक की 62 वर्षीय मां केशररानी अहिरवार ने पुलिस को दिए आवेदन में जो बताया, वह दिल दहला देने वाला है। उन्होंने कहा, "रात करीब बारह बजे जब मैं बाहर निकली तो देखा कि मेरा बेटा हेमराज अहिरवार आग की लपटों में घिरा हुआ है। गांव के हेमराज पिता कलू अहिरवार, सुनील और नरेश पिता लच्छू साहू वहां मौजूद थे। वे उसके पास कचरा रख रहे थे। थोड़ी ही देर में हेमराज के कपड़ों में आग लग गई। मैं दौड़ी और किसी तरह आग बुझाई।"
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। केशररानी का आरोप है कि जब उन्होंने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें जातिगत गालियां दीं, अभद्रता की और जिंदा जलाने की धमकी तक दी।
महिला ने बताया कि वह उस वक्त डर के कारण कुछ नहीं कह पाईं। किसी तरह बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचीं और फिर बाद में हिम्मत जुटाकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
15 दिन तक दबा रहा मामला, वीडियो ने मचाई सनसनी
घटना के करीब 15 दिन बाद, जब इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो इलाके में सनसनी फैल गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक आग से बुरी तरह झुलस चुका है और आसपास लोग अफरा-तफरी में हैं। अब यह वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 11 अक्टूबर को हुई इतनी गंभीर घटना पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पुलिस ने क्या कहा
रहली थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा, "मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सवाल उठ रहे हैं - आखिर कब तक?
मध्य प्रदेश में दलित उत्पीड़न के मामलों पर पहले भी कई बार उंगलियां उठ चुकी हैं। सागर में इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सुर्खियों में रही हैं। यह ताजा मामला सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम और समाज दोनों के लिए आईना है - जहां न्याय के लिए 62 वर्षीय मां को 15 दिन बाद तक चुप रहना पड़ा, और पुलिस हरकत में तभी आई जब वीडियो वायरल हुआ।












Click it and Unblock the Notifications