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खाद संकट पर कांग्रेस का MP विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन, सिंघार बोले- “किसानों के आंसू पोंछने में नाकाम सरकार

मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, और इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन, 1 अगस्त 2025 को, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने खाद की खाली बोरियां और नैनो खाद की प्रतीकात्मक बोतलें लेकर सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेशी दौरों में व्यस्त हैं, जबकि लाखों किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं।

Congress staged a strong protest in MP assembly premises over the fertilizer crisis Umang Singhar

विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रतीकात्मक प्रदर्शन

1 अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन, कांग्रेस विधायक दल ने भोपाल के विधानसभा परिसर में खाद संकट को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायक खाद की खाली बोरियां और नैनो यूरिया की प्रतीकात्मक बोतलें लेकर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जमा हुए।

कांग्रेस विधायकों ने "किसानों को खाद दो," "नैनो यूरिया बंद करो," और "BJP सरकार मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन का उद्देश्य खाद की किल्लत और नैनो यूरिया के जबरन उपयोग से किसानों की परेशानी को उजागर करना था।

खाद संकट: किसानों की परेशानी

मध्य प्रदेश में खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद की भारी कमी की शिकायतें कई जिलों से आ रही हैं। नवभारत टाइम्स की एक पड़ताल में सामने आया कि किसान लंबी लाइनों में खड़े होने के बावजूद खाद नहीं पा रहे हैं।

मुरैना, गुना, और निवाड़ी जैसे जिलों में किसानों ने खाद की कमी के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किए। निवाड़ी में किसानों ने हाइवे जाम कर दिया, जिसे पुलिस ने हस्तक्षेप कर खुलवाया। गुना में एक किसान ने खाद की कमी के कारण आत्महत्या कर ली, जिसने इस संकट की गंभीरता को और उजागर किया। मुरैना में, जहां कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना का गृह जिला है, किसानों को खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, और कई खाली हाथ लौटे।

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, "इस बार रबी और खरीफ दोनों मौसमों में खाद की कमी रही, और लगभग हर जिले में वितरण में भ्रष्टाचार देखा गया।" उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार नैनो यूरिया को बढ़ावा दे रही है, जो किसानों की जरूरतों और मिट्टी की स्थिति के अनुरूप नहीं है। @ians_india ने उनकी टिप्पणी को उद्धृत किया, "किसान नैनो यूरिया से परेशान हैं, उन्हें उनकी जरूरत और मिट्टी की स्थिति के आधार पर खाद चाहिए, लेकिन सरकार नैनो यूरिया थोप रही है।"

Congress staged a strong protest in MP assembly premises over the fertilizer crisis Umang Singhar

उमंग सिंघार के आरोप और मांगें

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "प्रदेश के लाखों किसान खाद की लाइन में खड़े हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है। बारिश का समय है, और किसानों को जरूरी खाद तक नहीं मिल रही। मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेशी दौरों में व्यस्त हैं, लेकिन किसानों के दर्द की उन्हें कोई परवाह नहीं।"

सिंघार ने सरकार पर नैनो यूरिया के जरिए किसानों के साथ "खिलवाड़" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "नैनो यूरिया का दुष्प्रभाव मिट्टी और फसलों पर पड़ रहा है, लेकिन सरकार इसे जबरन थोप रही है। यह किसानों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।"

  • तत्काल खाद आपूर्ति: किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और DAP उपलब्ध कराया जाए।
  • वितरण में पारदर्शिता: खाद वितरण में भ्रष्टाचार और पक्षपात को रोका जाए।
  • सदन में जवाबदेही: सरकार खाद संकट पर सदन में चर्चा करे और जवाब दे।
  • नैनो यूरिया की जांच: इसके दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए।

सरकार का जवाब और कार्रवाई

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 जुलाई 2025 को कैबिनेट बैठक में जिला प्रभारी मंत्रियों को खाद की कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। CM ने मंत्रियों को जिलों का दौरा कर किसानों से बात करने और खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सरकार पर्याप्त खाद की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।"

हालांकि, विपक्ष ने सरकार के दावों को खारिज किया। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने 10 नवंबर 2024 को कहा, "BJP अध्यक्ष वीडी शर्मा कहते हैं कि खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके लोग ही कालाबाजारी कर रहे हैं।" उन्होंने मांग की कि सरकार खाद की कमी को स्वीकार करे और तत्काल कदम उठाए।

विधानसभा में प्रदर्शन पर प्रतिबंध और विवाद

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले, 10 जुलाई 2025 को, विधानसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी कर परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन पर रोक लगा दी। यह आदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुरक्षा कारणों से जारी किया था। उमंग सिंघार ने इसे "लोकतंत्र की हत्या" करार दिया और कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रही है।

इस सर्कुलर के बावजूद, कांग्रेस विधायकों ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन जारी रखा। 29 जुलाई को उन्होंने "भैंस के आगे बीन बजाने" का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया, और 30 जुलाई को पत्तों की माला पहनकर वन अधिकार पट्टों की मांग की। ये प्रदर्शन सरकार की "उदासीनता" को उजागर करने के लिए थे।

विशेषज्ञों की राय

कृषि विशेषज्ञ डॉ रमेश चंद्रा ने कहा, "नैनो यूरिया एक पूरक समाधान हो सकता है, लेकिन यह पारंपरिक यूरिया और DAP का विकल्प नहीं है। सरकार को खाद की आपूर्ति श्रृंखला में सुधार करना होगा।" सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा ने कहा, "खाद की किल्लत ने किसानों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।"

खाद संकट ने कई सवाल खड़े किए हैं:

  • आपूर्ति श्रृंखला की कमियां: सहकारी समितियों में खाद वितरण में भ्रष्टाचार और पक्षपात को कैसे रोका जाएगा?
  • नैनो यूरिया की प्रभावशीलता: इसके दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक जांच कब होगी?
  • सियासी तनाव: खाद संकट को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच बढ़ता तनाव सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
  • किसानों का भविष्य: खाद की कमी से फसलों की पैदावार प्रभावित होने का खतरा।

उमंग सिंघार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही खाद संकट का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों पर आंदोलन तेज करेगी।

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