2023 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी, कुलदीप इंदौरा को भोपाल, विदिशा समेत 14 जिलों की जिम्मेदारी

एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने 5 सह प्रभारियों को मध्यप्रदेश में जिम्मेदारी बांटी है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इनकी भूमिका अहम रहेगी।

Congress preparations for 2023 assembly elections, Kuldeep Indora is responsible for 14 districts including Vidisha

मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना ऐसे में कांग्रेस पार्टी संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में पार्टी ने संगठन में कई बदलाव किए है और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल पांच सहप्रभारियों के कार्यों का विभाजन किया है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह से प्रभारी जिलों में काम करेंगे और समन्वय बनाने के साथ जमीनी फीडबैक भी लेंगे।

कुलदीप इंदौरा को भोपाल सहित 14 जिलों की जिम्मेदारी

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी जेपी अग्रवाल ने सहप्रभारी के रूप में कुलदीप इंदौरा को 14 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। जिसमें रतलाम, धार, इंदौर, उज्जैन मंदसौर, नीमच, रायसेन, विदिशा भोपाल, सीहोर जैसे जिले शामिल है।

संजय कपूर को सौंपी 16 जिलों की जिम्मेदारी

प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने मध्यप्रदेश में सहप्रभारी के रूप में संजय कपूर को अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा होशंगाबाद, बैतुल, नरसिंहपुर, सीधी सिंगरौली, शहडोल, उमरिया जैसे जिले सहित 16 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं सीपी मित्तल को 13 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें टीकमगढ़,पन्ना,कटनी, सतना, रीवा, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, दमोह शामिल हैं।

शिव भाटिया और संजय दत्त को 12 व 13 जिलों की जिम्मेदारी

सह प्रभारी के रूप में इसे भाटिया को मध्य प्रदेश के 12 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसमें शिव पुरैना मुरैना भिंड दतिया ग्वालियर शिवपुरी गुना अशोकनगर राजगढ़ की जिम्मेदारी शामिल है। बता दे यह जिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रभावित जिले माने जाते हैं। उधर सहप्रभारी संजय दत्त को खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, हरदा, देवास शाजापुर, आगर-मालवा जैसे जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सहप्रभारियों की भूमिका

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस में सहप्रभारियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। दरअसल ये सहप्रभारी जिलों में फीडबैक के साथ कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए भूमिका बांधने का काम करेंगे। पूरे प्रदेश में हर विधानसभा सीट से कांग्रेस के पास कई दावेदारों की सूची आई है, ऐसे में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस जिताऊ चेहरों को अनदेखा नहीं कर सकती है। इसलिए इससे प्रभारी जमीनी स्तर पर दावेदारों की हकीकत को जानने के बाद पार्टी को फीडबैक देंगे। बता दे चुनाव को देखते हुए एआईसीसी ने 4 ऑब्जर्वर मध्यप्रदेश में नियुक्त किए हैं। कांग्रेस ने अर्जुन मोढवाडिया, सुभाष अरोड़ा, कुलदीप सिंह राठौर और प्रदीप टम्टा को प्रदेश में ऑब्जर्वर बनाया है।

कमलनाथ ने 16 दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

इससे पहले संगठन को मजबूत करने के लिए कमलनाथ ने प्रदेश में 16 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। जिसमें 16 दिग्गजों को जिलों की कमान सौंपी गई थी। इन 16 दिग्गजों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह,फूल सिंह बरैया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, तरुण भनोट, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री बाला बच्चन, कांतिलाल भूरिया, मीनाक्षी नटराजन, कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, रामनिवास रावत केपी सिंह और पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव शामिल है, जिन्हें जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमलनाथ ने जातिगत और राजनीतिक समीकरण को देखते हुए इन नेताओं को जिलों की जिम्मेदारी बांटी है।

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