MP News: इंदौर हादसे में 3 मौतों पर सीएम मोहन यादव का सख्त एक्शन, जानिए क्यों हटाए गए DCP, ACP सहित 8 अफसर

MP News CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर सोमवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। एक अनियंत्रित ट्रक ने शिक्षक नगर के पास 10-15 राहगीरों और वाहनों को कुचल दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस त्रासदी ने सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित और कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की। पुलिस उपायुक्त (DCP) यातायात को हटाने के साथ-साथ ACP सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, घायलों और मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और मुफ्त इलाज की घोषणा की गई। आइए, इस हादसे, सीएम के एक्शन, और इसके प्रभावों की पूरी कहानी को रोचक और विस्तृत तरीके से जानते हैं।

CM Mohan Yadav takes strict action on 3 deaths in Indore accident 8 officers including DCP and ACP removed

हादसे का भयावह मंजर: शिक्षक नगर में तबाही

15 सितंबर 2025 की देर शाम, इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर शिक्षक नगर के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार ट्रक (MP09 ZP 4069) ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सड़क पर मौजूद लोगों और वाहनों को रौंदता चला गया। यह हादसा अंकित होटल से गीतांजलि अस्पताल के बीच हुआ, जो शहर का एक व्यस्त मार्ग है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक इतनी तेज गति से आ रहा था कि उसने 10-15 लोगों को कुचल दिया, जिसमें राहगीर, ई-रिक्शा चालक, और बाइक सवार शामिल थे।

हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक बाइक सवार और दो पैदल यात्री शामिल थे। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत गीतांजलि अस्पताल, भाटिया अस्पताल, वर्मा अस्पताल, अरबिंदो अस्पताल, और भंडारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी फुटेज में इस भयावह दृश्य को कैद किया गया, जिसमें ट्रक के नीचे फंसी एक बाइक को घसीटते हुए और उसमें आग लगते हुए देखा जा सकता है।

हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रक और उसमें फंसा एक व्यक्ति बुरी तरह झुलस चुका था। इस हादसे ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि सड़क सुरक्षा और नो-एंट्री नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए।

सीएम का सख्त रुख: DCP हटाए गए, 8 सस्पेंड

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस घटना को "हृदय विदारक" करार देते हुए कहा, "यह त्रासदी मुझे रात भर परेशान करती रही। मैंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" सीएम ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित कदम उठाए गए:

पुलिस उपायुक्त (DCP) यातायात हटाए गए: अरविंद तिवारी, DCP यातायात, को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। हादसे के समय नो-एंट्री नियमों की अनदेखी और ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया।

ACP सहित 8 पुलिसकर्मी निलंबित:

  • सुरेश सिंह, ACP
  • प्रेम सिंह, प्रभारी ASI (बिजासन)
  • चंद्रेश मरावी, प्रभारी सूबेदार (सुपर कॉरिडोर)
  • दीपक यादव, निरीक्षक (सुपर कॉरिडोर से एयरपोर्ट रोड)

ड्यूटी पर तैनात चार कांस्टेबलइन सभी को ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही और नो-एंट्री जोन में भारी वाहन के प्रवेश की अनदेखी के लिए निलंबित किया गया।

पुरस्कार की घोषणा: हादसे के दौरान घायलों की मदद करने वाले कांस्टेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी (ऑटो रिक्शा चालक) को उनके साहस और मानवता के लिए पुरस्कृत करने का ऐलान किया गया।

विस्तृत जांच के आदेश: अपर मुख्य सचिव (ACS) गृह को हादसे की गहन जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।

पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता और मुफ्त इलाज

  • मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
  • घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
  • सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च मध्य प्रदेश सरकार वहन करेगी।

सीएम ने इंदौर के पांच प्रमुख अस्पतालों-गीतांजलि, भाटिया, वर्मा, अरबिंदो, और भंडारी-का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। सीएम ने कहा, "यह हादसा बेहद दुखद है। हमारी प्राथमिकता है कि घायलों को सर्वोत्तम इलाज मिले और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए।"

नो-एंट्री नियमों की अनदेखी: प्रशासन पर सवाल

हादसे ने इंदौर में ट्रैफिक प्रबंधन और नो-एंट्री नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक का मौजूद होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने कहा, "नो-एंट्री नियम सिर्फ कागजों पर हैं। अगर पुलिस और प्रशासन सतर्क होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।"

सीसीटीवी फुटेज ने इस त्रासदी की भयावहता को और स्पष्ट किया। फुटेज में ट्रक तेज गति से आता हुआ दिखाई देता है, जो एक बाइक को घसीटते हुए ले जाता है। घर्षण के कारण बाइक में आग लग गई, जो ट्रक तक फैल गई। कुछ सूत्रों का कहना है कि गुस्साई भीड़ ने ट्रक में आग लगाई, जबकि अन्य का दावा है कि यह आग घर्षण के कारण लगी। पुलिस ने फुटेज को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है और ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

सीएम का दौरा: ढांढस और कार्रवाई का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम ने कहा, "यह हादसा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से दुखद है। मैं रात भर इस पीड़ा के साथ जागता रहा। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"

नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जो हादसे की खबर मिलते ही धार का दौरा छोड़कर इंदौर पहुंचे थे, ने भी सीएम के साथ अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को उचित उपचार के निर्देश दिए। विजयवर्गीय ने कहा, "सरकार पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। हमारा लक्ष्य है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले।"

सड़क सुरक्षा पर सवाल और भविष्य के कदम

यह हादसा इंदौर में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की खामियों को उजागर करता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ अनिल मेहता ने कहा, "इंदौर जैसे शहरों में ट्रैफिक मॉनिटरिंग और भारी वाहनों पर सख्ती जरूरी है। सीसीटीवी और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का उपयोग बढ़ाना होगा।"

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि एयरपोर्ट रोड पर ट्रैफिक नियंत्रण को मजबूत किया जाए और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ ने कहा, "हम प्रशासन के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएंगे। यह हादसा हमें सिखाता है कि लापरवाही की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।"

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