सड़कों पर ना हो पूजन और नमाज, CM मोहन यादव ने की MP में कानून व्यवस्था की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक बार फिर धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन को निर्देश जारी किए है। सीएम ने लोगों को परेशानी ना हो इसे ध्यान में रखते हुए होने वाले धार्मिक पूजन और नमाज के कार्यक्रमों को लेकर दिशा निर्देश दिए है।
धार्मिक स्थलों पर ही पूजन-नमाज का कार्यक्रम होना चाहिए, सड़कों पर ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। पुलिस को लोगों को असुविधा वाले मामलों में सख्ती से निपटने की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस को फील्ड में दिखाई देना चाहिए और इसके लिए मुख्यालय के अधिकारी भी फील्ड में निकलने चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बातें शुक्रवार को भोपाल में पुलिस अधिकारियों की बैठक में कही। वे प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा, प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे, डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन में लापरवाही
सीएम यादव ने कहा- कुछ जिलों में लाउड स्पीकर एक से अधिक लगने की जानकारी आई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में लापरवाही की सूचना है। इसलिए पुलिस अधिकारियों को इसे सख्ती से पालन कराना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों की होगी। पुलिस का खौफ बदमाशों में रहना चाहिए। इसके लिए पुलिस को सड़कों पर दिखना चाहिए। प्लान तैयार करके काम करना होगा। निचले अमले के कामों के औचक निरीक्षण की भी आदत अधिकारियों को डालनी चाहिए क्योंकि इससे जनता की सुरक्षा होती रहेगी।
साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे
CM ने आदेश दिया है कि पुलिस को बदमाशों की जमानत निरस्त करने के लिए कार्रवाई करें। वे महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिले, उसे ध्यान में रखते हुए पुलिस को आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों के उपयोग को रोकने के लिए इनकी सप्लाई और इससे जुड़े कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पिछले दस सालों में कर्फ्यू की स्थिति में पुलिस फोर्स को बढ़ावा दिया जाए। संकरी गलियों में पुलिस के मूवमेंट को सुगम बनाने के लिए रास्तों को चौड़ा किया जाएगा और मार्गों को चौड़ा किया जाएगा ताकि पुलिस को कोई दिक्कत ना हो।
धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर रोक की जाएगी और गतिविधियों के लिए जनजागरण की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मांस की खुली बिक्री पर और डीजे पर भी नियंत्रण होगा। जुआ, सट्टा, प्रॉपर्टी संबंधी अपराधों, धोखाधड़ी पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी स्तरों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
गांवों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ऐसे क्षेत्रों में, जहां अधिक आपराधिक गतिविधियां होती हैं, सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग के सहयोग से प्रयास किया जाएगा। थानों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से प्रदेश के दो हजार से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाया गया है। इस आधार पर जिलों की सीमाओं की विसंगतियों को दूर किया जाएगा और थानों की सीमाओं का समायोजन किया जाएगा।












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